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Ramadan 2022: जानें इस साल कब से शुरू हो रहा है रमज़ान का पाक महीना
भारत सदियों से विविध संस्कृतियों कि धरती रहा है। यहां अलग अलग धर्म-पंतों के लोग आपसी सामंजस्य के साथ रहते आए हैं। इन्हीं सम्प्रदायों में से एक इस्लाम भी है जिसका सबसे पवित्र महीना रमज़ान का महीना होता है। रमज़ान को रमादान के नाम से भी माना जाता है। यह पूरा महीना बेहद पाक़ माना जाता है और पूरे महीने शरीर कि शुद्धता का ध्यान रखा जाता है। यह महीना इंसान कि सहनशीलता को बढ़ाता है और आत्मा व शरीर को पवित्र बनाता है।

रमज़ान की तिथि
रमज़ान पूरे एक महीने तक मनाया जाता है और इसका अंत ईद-उल-फितर के पर्व के साथ होता है। रमज़ान कि शुरुआत 3 अप्रैल से होगी और अंत 2 मई को होगा, साथ ही 3 मई को ईद का त्यौहार मनाया जाएगा। हालांकि चांद दिखने की तारीख़ से ही भारत में ईद तय होगी।

धार्मिक महत्व
रमज़ान का महीना इस्लामिक कैलेंडर का नौंवा महीना होता है, इसे शब-ए-क़दर कहा जाता है। दसवें महीने की पहली तारीख़ को ईद-उल-फितर मनाया जाता है। इस महीने में धर्म में बताई गयी बातों का पालन करके आत्म-संयम, बलिदान, दान, सहानुभूति, और अल्ल्लाह से निकटता जैसी शिक्षाएं आत्मसात की जाती है। रमज़ान के पूरे महीने में रोज़े रखे जाते हैं, प्रत्येक दिन उपवास का प्रारंभ प्रातः काल में हो जाता है जिसे सहरी कहा जाता है। रमज़ान के व्रत कि समाप्ति शाम को सूर्यास्त के बाद होती है जिसे इफ़्तार कहा जाता है।

रमज़ान में क्यों रखे जाते हैं रोज़ा?
रमज़ान के महीने में ही पैगम्बर मुहम्मद के समक्ष पवित्र इस्लामिक ग्रन्थ क़ुरान की पहली आयत का अनावरण किया गया था। इसके बाद इस महीने को पवित्र मानकर रोज़े रखने कि परंपरा शुरू हुई। इस्लाम के पांच मूलभूत सिद्धांतों में नमाज़, दान, आस्था और हज यात्रा के साथ पांचवा सिद्धांत रोज़े रखना होता है। हालांकि बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बीमार और बूढ़ों को रोज़े रखने से छूट मिलती है।

रमादान से जुड़ी परम्पराएं
रमज़ान के महीने में बूढ़े बुजुर्गों से अच्छे जीवन जीने और धर्म के पालन सम्बन्धी शिक्षाएं मिलती हैं। इसके साथ ही अपनी आवश्यकताओं को कम करके दूसरों की ज़रूरतों को पूरा करना चाहिए।
इफ्तार के समय किसी ज़रूरतमंद को भोजन कराने से पापों से मुक्ति मिलती है।
इस पाक़ माह में हर तरह की बुराई या बुरे विचारों को खुद से दूर रखा जाता है। केवल अल्लाह के प्रति आस्था और निश्छल मन से रोज़े रखे जाते हैं।
रमजान के अंतिम दिन बड़ी धूम-धाम से ईद का त्यौहार मनाया जाता है, इस दिन लोग रमजान के पूरे महीने सब्र देने के लिए अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं, अपने बच्चों को ईदी देते हैं और आपस में तोहफों और मिठाइयों का लेन देन करते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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