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Ramadan Facts: इन झूठ को अब तक सच मान रहे थे आप
रमजान के महीने लोग अल्लाह को याद करते हैं और पूरे महीने के दौरान रोजे रखते हैं। तीस दिनों तक इबादत का दौर चलता है और फिर मीठी ईद मनाई जाती है।

ईद के दिन नमाज से पहले गरीब और जरूरतमंदों में फितरा बांटा जाता है। यही वजह है कि इस ईद को ईद-उल-फित्र या ईद-उल-फितर कहा जाता है। आज इस लेख के जरिये कुछ ऐसी मिथकों और झूठी बातों के बारे में जानेंगे जिन्हें ज्यादातर लोग सच समझते हैं।

रमजान के महीने में आप नहीं कर सकते हैं ब्रश
कई लोगों में ये धारणा है कि रमजान के महीने के दौरान दांतों को साफ या कुल्ला तक नहीं करना चाहिए। मगर इस बात में सच्चाई नहीं है। दरअसल रोजेदारों और नमाज अदा करने वाले लोगों के लिए इस्लाम में 'सिवाक' नियम है जिसके अनुसार दांतों की साफ़ सफाई जरूरी है। आप मिस्वाक दातुन का इस्तेमाल कर सकते हैं।

हर किसी के लिए रोजे रखना है जरूरी
इस्लाम में ऐसा कहीं नहीं लिखा गया है कि हर मुसलमान को रोजे रखने ही हैं। गर्भवती महिलाएं, बीमारी से पीड़ित लोग, बूढ़े बुजुर्ग और किसी लंबी यात्रा में गए लोगों के लिए रोजे रखना जरूरी नहीं है। अगर कोई व्यक्ति शारीरिक रूप से खुद को कमजोर महसूस कर रहा है तो वो अपनी सेहत को ध्यान में रखकर रोजे रख या छोड़ सकता है।

रोजेदार के सामने कुछ भी नहीं खाना चाहिए
रमजान का महीना रोजेदारों के लिए आत्मनियंत्रण और संयम का महीना माना जाता है। इस महीने की गयी नेकियों का फल जल्दी मिलता है। रमजान का ये महीना मुसलमानों को खुद पर नियंत्रण रखने की सीख देता है। इस वजह से ये बात गलत है कि रोजेदारों के सामने कुछ खाना नहीं चाहिए। रोजेदार खुद को किसी भी तरह के लालच से बचा कर रखते हैं।

रोजे रखना वाला व्यक्ति थूक अंदर नहीं ले सकता
जिन्हें इस धर्म की जानकारी नहीं है उन्हें यही लगता है कि रोजे रखने वाले लोग अपना थूक तक अंदर नहीं ले सकते हैं। उन्हें लगता है कि रोजे में पानी की एक घूंट भी नहीं ली जा सकती है और इसलिए वो थूक तक अंदर नहीं रख सकते हैं। लेकिन ये सच नहीं है।

पीरियड्स की वजह से टूट जाते हैं रोजे
रमजान का महीना पूरे तीस दिन का होता है ऐसे में महिला रोजेदारों का मासिकधर्म आना सामान्य है। लेकिन ये बात झूठ है कि पीरियड्स की वजह से उनके रोजे खराब हो जाते हैं। दरअसल, उस दौरान उनके रोजे माफ कर दिए जाते हैं और वो अपने उन छोड़े हुए रोजों की गिनती ईद के बाद पूरे कर सकती है।

रोजेदार नहीं लगा सकता बालों में तेल और शरीर पर इत्र
कोई भी मजहब खुद को साफ रखने से मना नहीं करता है। ठीक इसी तरह रोजों के दौरान भी आप खुद को साफ रख सकते हैं। आप बालों में तेल, शैम्पू और शरीर पर इत्र भी लगा सकते हैं।



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