Latest Updates
-
इन तारीखों पर जन्में बच्चे माता-पिता को बना देते हैं अमीर! चेक करें अपनी संतान की बर्थ-डेट -
जानें कौन हैं 19 साल की गौरी एम? जिनकी सफलता की कहानी LinkedIn पर हुई वायरल -
Mahatma Jyotiba Phule Quotes: नारी शक्ति और समानता का पाठ पढ़ाते हैं ज्योतिबा फुले के ये अनमोल विचार -
Aaj Ka Rashifal 11 April 2026: मकर राशि में चंद्रमा का गोचर, इन लोगों की खुलेगी किस्मत! पढ़ें राशिफल -
सेहत के लिए वरदान से कम नहीं है कालमेघ, जानें इसके लाभ और सही सेवन तरीका -
बिना तेल का आम का अचार: स्वाद में लाजवाब और वजन घटाने लिए परफेक्ट, सालों-साल नहीं होगा खराब -
तलाक के बाद घर लौटी बेटी तो पिता ने ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत, बांटीं मिठाइयां, दिल जीत लेगा Video -
2055 तक मंगल पर होंगे घर, लैब में बनेंगे अंग! बाबा वेंगा की 5 भविष्यवाणियों ने लोगों को चौंकाया -
प्रेग्नेंसी में बैंगन खाना चाहिए या नहीं? जानिए इसके फायदे और नुकसान -
क्या डायबिटीज के मरीज खा सकते हैं आम? जानें खाने का सही तरीका और समय जिससे न बढ़े शूगर लेवल
Rang Panchami 2022: इस रंगपंचमी पर लगाएं देवताओं को लगाएं उनका मनपसंद रंग
होली के साथ ही रंगों का उत्सव समाप्त नहीं हो जाता है। इसका सिलसिला रंग पंचमी तक जारी रहता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, रंग पंचमी का त्योहार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मनाया जाता है जो होली के पांचवे दिन पड़ती है। रंग पंचमी के त्योहार को श्रीपंचमी और देव पंचमी भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस ख़ास तिथि पर देवी-देवता भी रंग उत्सव खेलते हैं। जानते हैं इस साल रंग पंचमी कौन सी तारीख को मनायी जाएगी और साथ ही जानते हैं देवताओं के प्रिय रंग के बारे में।

रंग पंचमी की तिथि और शुभ मुहूर्त
रंग पंचमी: मंगलवार, 22 मार्च, 2022
पंचमी तिथि शुरू: 22 मार्च 2022 को सुबह 06 बजकर 24 मिनट से
पंचमी तिथि समाप्त: 23 मार्च 2022 को सुबह 04 बजकर 21 मिनट तक
शुभ मुहूर्त: 12:04:06 से 12:52:46 तक

रंग पंचमी से जुड़ी मान्यताएं
ऐसा माना जाता है कि रंग पंचमी के दिन ही भगवान श्री कृष्ण ने राधा रानी के साथ रंग खेला था। इस दिन पूरे विधि-विधान से राधा-कृष्ण की पूजा की जाती है और उन्हें गुलाल अर्पित किया जाता है।
वहीं एक अन्य पौराणिक कथा भगवान शिव से जुड़ी हुई है। इस मान्यता के अनुसार होलाष्टक के दिन भगवान शिव ने कामदेव को भस्म कर दिया था। इसकी वजह से देवलोक में मायूसी छा गयी। कामदेव की पत्नी रति और अन्य देवताओं की प्रार्थना महादेव ने स्वीकार कर ली थी। इसी ख़ुशी को रंग पंचमी के रूप में मनाया गया।

रंग पंचमी पर देवताओं को चढ़ाएं ये रंग
रंग पंचमी के मौके पर आप भगवान विष्णु को पीले रंग का गुलाल अर्पित करें। आप दुर्गा माता को भी पीले रंग का अबीर चढ़ाएं। लक्ष्मी माता और बजरंगबली को लाल रंग का गुलाल अर्पित करें। भगवान सूर्य को लाल रंग का गुलाल लगा सकते हैं। आप उन्हें सिंदूर का अर्घ्य भी दे सकते हैं। यदि आप शनि देव का आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो उन्हें नीले रंग का गुलाल लगाएं।

रंग पंचमी पर्व का महत्व
रंग पंचमी का पर्व हवा में रंग और गुलाल उड़ाकर मनाया जाता है। हवा में उड़े रंग माहौल को सकारात्मक बना देते हैं और वातावरण में फैली नकारात्मकता को दूर कर देता है। ऐसा माना जाता है कि रंग-गुलाल खेलने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और इनका आशीर्वाद मिलता है। इस दिन पूजा-पाठ करने से कुंडली में मौजूद दोषों का प्रभाव भी कम हो जाता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











