Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
Rang Panchami 2022: इस रंगपंचमी पर लगाएं देवताओं को लगाएं उनका मनपसंद रंग
होली के साथ ही रंगों का उत्सव समाप्त नहीं हो जाता है। इसका सिलसिला रंग पंचमी तक जारी रहता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, रंग पंचमी का त्योहार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मनाया जाता है जो होली के पांचवे दिन पड़ती है। रंग पंचमी के त्योहार को श्रीपंचमी और देव पंचमी भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस ख़ास तिथि पर देवी-देवता भी रंग उत्सव खेलते हैं। जानते हैं इस साल रंग पंचमी कौन सी तारीख को मनायी जाएगी और साथ ही जानते हैं देवताओं के प्रिय रंग के बारे में।

रंग पंचमी की तिथि और शुभ मुहूर्त
रंग पंचमी: मंगलवार, 22 मार्च, 2022
पंचमी तिथि शुरू: 22 मार्च 2022 को सुबह 06 बजकर 24 मिनट से
पंचमी तिथि समाप्त: 23 मार्च 2022 को सुबह 04 बजकर 21 मिनट तक
शुभ मुहूर्त: 12:04:06 से 12:52:46 तक

रंग पंचमी से जुड़ी मान्यताएं
ऐसा माना जाता है कि रंग पंचमी के दिन ही भगवान श्री कृष्ण ने राधा रानी के साथ रंग खेला था। इस दिन पूरे विधि-विधान से राधा-कृष्ण की पूजा की जाती है और उन्हें गुलाल अर्पित किया जाता है।
वहीं एक अन्य पौराणिक कथा भगवान शिव से जुड़ी हुई है। इस मान्यता के अनुसार होलाष्टक के दिन भगवान शिव ने कामदेव को भस्म कर दिया था। इसकी वजह से देवलोक में मायूसी छा गयी। कामदेव की पत्नी रति और अन्य देवताओं की प्रार्थना महादेव ने स्वीकार कर ली थी। इसी ख़ुशी को रंग पंचमी के रूप में मनाया गया।

रंग पंचमी पर देवताओं को चढ़ाएं ये रंग
रंग पंचमी के मौके पर आप भगवान विष्णु को पीले रंग का गुलाल अर्पित करें। आप दुर्गा माता को भी पीले रंग का अबीर चढ़ाएं। लक्ष्मी माता और बजरंगबली को लाल रंग का गुलाल अर्पित करें। भगवान सूर्य को लाल रंग का गुलाल लगा सकते हैं। आप उन्हें सिंदूर का अर्घ्य भी दे सकते हैं। यदि आप शनि देव का आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो उन्हें नीले रंग का गुलाल लगाएं।

रंग पंचमी पर्व का महत्व
रंग पंचमी का पर्व हवा में रंग और गुलाल उड़ाकर मनाया जाता है। हवा में उड़े रंग माहौल को सकारात्मक बना देते हैं और वातावरण में फैली नकारात्मकता को दूर कर देता है। ऐसा माना जाता है कि रंग-गुलाल खेलने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और इनका आशीर्वाद मिलता है। इस दिन पूजा-पाठ करने से कुंडली में मौजूद दोषों का प्रभाव भी कम हो जाता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
