रायोकान का ऑखमिचौली का खेल

Boy
रायोकान एक महान गुरू था। वह बच्‍चों से बहुत प्‍यार करता था और उनके साथ बिल्‍कुल बच्‍चों सी मासूमियत का प्रर्दशन करता था। वह बच्‍चों के साथ खेलना पसंद करता और ऑख मिचौली, तमारी, हैंड़-वॉल और कई खेलों में शामिल होता था।

उसकी मासूमियत कुछ ऐसी थी कि लोग उसे थोड़ा पागल समझने लगे थे।

एक शाम जब बच्‍चों के साथ ऑख मिचौली खेल रहा था, इस बार रायोकान की छुपने की बारी थी। उसने खुद को एक खेत में भूसे के ढ़ेर के नीचे छुपा लिया। वॅहा बहुत अंधेरा था इस कारण बच्‍चे रायोकान को खोजने में असफल रहें और उस स्‍थान को छोड़ दिया।

अगली सुबह, एक किसान ने भूसे को हटाया और उसमें से रायोकान को देखा। वह बोला- ओह! रायोकान सामा! तुम यॅहा क्‍या
कर रहे हो? रायोकान ने कहा- शश्‍श्‍श्‍श्‍श्‍श्‍!! तेजी से मत बोलो वरना बच्‍चें मुझे खोज लेगें।बच्‍चों की मासूमियत दुनिया में सबसे निराली और प्‍यारी होती है।

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