Latest Updates
-
Somvar Vrat Katha: सोमवार व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, भगवान शिव पूरी करेंगे हर मनोकामना -
Aaj Ka Rashifal, 20 April 2026: मालव्य योग से चमकेंगे इन राशियों के सितारे, जानें आज का भाग्यफल -
Birthday Wishes for Boss: बॉस के बर्थडे पर भेजें ये खास और सम्मानजनक शुभकामनाएं, बोलें 'हैप्पी बर्थडे' -
पुरानी कब्ज और बवासीर से पाना है छुटकारा, तो इस पौधे की जड़ का करें इस्तेमाल -
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें -
दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ -
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद
ऐसा मूर्त रूप
Short Story
oi-Staff

इसलिए उसे अंदर नहीं आने दिया गया। रेंगेत्सू, शीत और भूख से बेहाल खेतों में से चलकर चेरी के एक वृक्ष के नीचे पहुँची जिसे उसने अपना आश्रय बनाया। काटने वाली ठंड (बहुत ज़्यादा ठंड) के कारण वह ठीक से सो नहीं पाई और उस जगह पर जंगली जानवरों का डर भी था।
आधी रात को जब वह बहुत ज़्यादा ठंड के कारण उठी, उसने वसंत ऋतु की रात में चेरी के सुंदर फूलों को देखा, धुँधले चंद्रमा की रोशनी में नहाई। वास्तव में वह एक बाँधने वाला दृश्य था ।
इस सुंदरता को जीतकर (सुंदरता से प्रभावित होकर) वह अपनी श्रद्धा व्यक्त करने गाँव की दिशा में चल पडी। उसने कहा: "आपने मुझे रहने के लिए स्थान न देकर जो दया दिखाई है उसके कारण ही मैं धुँधले चंद्रमा की रोशनी में फूलों को देख पाई।"
Comments
English summary
The Embodiment Of Suchness | ऐसा मूर्त रूप
Story first published: Monday, August 13, 2012, 9:38 [IST]
Other articles published on Aug 13, 2012
More From Boldsky
Prev
Next



Click it and Unblock the Notifications











