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घास और पेड़ों में ज्ञान का उदय
Short Story
oi-Staff
By Purnima

एक दिन ज्ञान पाने के इच्छुक पचास साल के व्यक्ति ने शिन्कान से पूछा, "जब में छोटा था तो मैंने तेंदाई का अध्ययन किया, तेंदाई का दावा है कि घास और पेड़ों में भी ज्ञान का उदय होता है, लेकिन मैं यह अवधारणा समझने में विफल रहा, यह सुनने में और सोचने में अजीब लग रहा है कि घास और पेड़ों में भी ज्ञान का उदय होता है "
शिन्कान ने कहा, "घास और पेड़ों में भी ज्ञान का उदय होगा या नहीं यह विचार करने से क्या मतलब है? प्रश्न तो यह है कि आपमें ज्ञान का उदय कैसे हो? क्या अपने कभी इस बारें में विचार किया?" बूढ़े आदमी ने जवाब दिया, "मैंने ऐसा तो कभी नहीं सोचा!" शिन्कान ने कहा, "तो फिर घर जाओ और यह सोच विचार करो!"
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English summary
The Enlightenment Of Trees And Grass | घास और पेड़ों में ज्ञान का उदय
Story first published: Saturday, September 15, 2012, 12:46 [IST]
Other articles published on Sep 15, 2012



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