दिवाली के दिन इस विधि से करें मां लक्ष्‍मी की पूजा

हिंदू धर्म की परम्‍पराओं के अनुसार, मां लक्ष्‍मी को धन और वैभव की देवी माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा भगवान गणेश के साथ की जाती है।

By Super Admin

पूरे दीवाली उत्‍सव में लक्ष्‍मी पूजा सबसे अह्म होती है। मां लक्ष्‍मी, ऋषि भृगु की बेटी थी, जिनका समुद्र मंथन के दौरान पुनर्जन्‍म हुआ था और तब उनका भगवान विष्‍णु से विवाह कर दिया गया था।

हिंदू धर्म की परम्‍पराओं के अनुसार, मां लक्ष्‍मी को धन और वैभव की देवी माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा भगवान गणेश के साथ की जाती है।

दीवाली के दिन पूजा करने की विधि, अन्‍य पूजाओं से हटकर होती है। आइए जानते हैं दीवाली की पूजा किस प्रकार करें:

 The Lakshmi Puja Vidhi For Diwali


मुहुर्त (सही समय) - पूजा करने के लिए

इस वर्ष दीवाली 30 अक्‍टूबर 2016 को मनाई जाएगी और इस दिन पूजा का मुहुर्त 17:39 और 22:19 का है यानि शाम को 5:39 मिनट से लेकर रात 10:19 तक आप पूजा कर सकते हैं।
laxmi

लक्ष्‍मी पूजन निम्‍न विधि से करें:
1. लक्ष्‍मी पूजा की शुरूआत करने से पहले आपको घर को अच्‍छे से साफ करना होगा। पूरे घर में झाडू-पोंछा कर लें। गंगाजल छिड़क लें, ताकि घर की सारी अशुद्धता दूर हो जाएं।

rangoli

2. इसके बाद, घर के बाहर द्वार पर रंगोली बना दें। साथ ही घर पर पूजा स्‍थल पर चौक पूर लें। गणेश-लक्ष्‍मी की पूजा करने के लिए एक चौकी रखें और उस पर एक लाल रंग का कपड़ा बिछाएं। पास में एक कलश में पानी रखें और उस पर अनाज भरकर एक कटोरी रख दें। आपके कलश, तांबे का हो, तो अच्‍छा रहता है। कलश में कम से कम 3/4 हिस्‍सा पानी होना चाहिए। READ: क्‍यूं की जाती है गणेश-लक्ष्‍मी की पूजा एक साथ?
puja

3. कलश और अनाज की कटोरी के बीच 7 आम के पत्‍तों को रखें। अनाज के ऊपर कमल के फूल को रखें। साथ ही धनतेरस के दिन खरीदा हुआ सिक्‍का रख दें।
laxmi ganesh

4. कलश के दाएं ओर, दक्षिण-पश्चिम दिशा में, भगवान गणेश की मूर्ति को रखें। पूजा के दिन पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है और ऐसा लगभग हर पूजा में होता है, क्‍योंकि गणेश भगवान को विघ्‍नहर्ता मानते हैं, इसलिए सारे कार्य मंगलमय तरीके से पूर्ण हो जाते हैं।
laxmi mata

5. एक थाली में हल्‍दी, कुमकुम या रोली, साबूत दाने वाले चावल, चंदन लेप, केसर, कमल का फूल और दिया लगाएं। दिए को जला दें।
milk peda

6. दो छोटे मिट्टी के मटकों में खीले भर दें। और उन्‍हें चौकी के आसपास रख दें। अब कलश पर टीका लगाएं और चावल छिड़क दें। देवी के मंत्रों का जाप करें।
rangoli

7. अब भगवान गणेश की मूर्ति के पास ही देवी लक्ष्‍मी की मूर्ति को स्‍थापित करें। अगर मूर्ति पुरानी है और किसी धातु की है तो उसे स्‍नान करवाकर वस्‍त्र पहनाकर रखें। मिट्टी की मूर्ति को यूँ ही रख दें। मूर्ति पर माला चढाएं और टीका करें। फूलों को छिड़कें।
diwali 2

8. मां लक्ष्‍मी और भगवान गणेश पर खीलों को चढाएं और फल, नारियल व मिठाईयां रखें। आप धन, ज्‍वैलरी आदि भी रख सकते हैं।
modi

9. इसके बाद, हवन करना चाहें तो धूप से कर लें। अन्‍यथा सभी दियो को जलाएं। एक बड़े दिए को लेकर आरती करें और मां लक्ष्‍मी से परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्‍त करें। इसके बाद, सभी को प्रसाद बांट दें। रात भर पूजा का दिया जलने दें।

Story first published: Sunday, October 30, 2016, 9:00 [IST]
Desktop Bottom Promotion