ज्ञानोदय की कहानी

The Story Of Enlightenmen
जब भक्तिन चीओनो ने लम्बे समय तक ज़ेन की पढ़ाई एन्गाकू के बुक्को के अन्दर की तो ध्यान का फल हाथ न आने वाला लगा। उस विख्यात चांदनी रात में जब वो पुराने पानी के घड़े में जो बांस से बंधा था पानी ले जा रही थी, उनको ज्ञानोदय की प्राप्ति हुई।

अचानक बांस के टूट जाने से पेंदी घड़े से नीचे गिर गयी। उस समय चीओनो को मुक्ति मिल गयी। इस घटना का उत्सव मनाने के लिए इस पल को उन्होंने कविता के रूप में अभिलिखित किया।

इस तरह या उस तरह मैंने पुराने घड़े को बचाने की कोशिश की चूँकि बांस की पट्टी कमज़ोर हो रही थी और टूटने वाली थी
जब तक अंत में पेंदी गिर गयी। घड़े में पानी नहीं है! पानी में चाँद नहीं है!

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