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सच्चाई घर गयी
Short Story
oi-Staff

र्योकन ने अपने भतीजे से मिलने के लिए लम्बी दूरी तय की। भतीजा उससे मिलकर काफी खुश हुआ और उसे रात को रुकने की सिफारिश की। र्योकन ने भतीजे की बात मान ली और पूरी रात ध्यान लगाकर गुज़ार दी।
सुबह होते ही र्योकन का ध्यान से निकलने का समय हो गया क्योंकि जाने का समय नज़दीक आ गया। चलते वक़्त उसने अपने भतीजे को यह कहकर अपने चप्पल की डोरी बांधने को कहा कि बुढ़ापे से उसके हाथ कांपने लगे हैं। भतीजे ने स्वेच्छा से अपने चाचा कि मदद की। र्योकन ने उसे धन्यवाद देते हुए कहा: "एक इंसान दिन-ब-दिन बूढ़ा और कमज़ोर होता जाता है।
अपना ध्यान रखना" यह कहते हुए वह बिना उस वेश्या या संबंधियों की शिकायतों के बारे में कोई बात करते हुए वहां से निकल गया। सच्चाई घर तक गयी और उस सुबह से भतीजे में स्पष्ट परिवर्तन देखने को मिला।
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English summary
The Truth Goes Home | सच्चाई घर गयी
Story first published: Monday, August 6, 2012, 10:20 [IST]
Other articles published on Aug 6, 2012



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