Latest Updates
-
कौन हैं हरीश राणा, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने दी इच्छामृत्यु की अनुमति? जानिए 13 साल से कोमा में क्यों थे -
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी पर चाय पी सकते हैं या नहीं? जानें व्रत से जुड़े सभी जरूरी नियम -
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी के दिन झाड़ू लगाना शुभ या अशुभ? बसौड़ा पर भूलकर भी न करें ये गलतियां -
Sheetala Ashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है शीतला अष्टमी? जानिए सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
Sheetala Ashtami Vrat Katha: शीतला अष्टमी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, घर में आएगी सुख-समृद्धि -
Sheetala Ashtami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद बना रहे...इन संदेशों के साथ अपनों को दें बसौड़ा की बधाई -
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर
Tulsi Vivah 2021: तुलसी विवाह का पूजन करने से मिलता है कन्यादान जितना पुण्य, जानें तिथि व शुभ मुहूर्त
देव उठानी एकादशी का हिंदू धर्म में काफी महत्व है। इसकी महत्ता तुलसी विवाह के शुभ अवसर के कारण और भी बढ़ जाती है। तुलसी विवाह के उपलक्ष्य में माता तुलसी का विवाह शालिग्राम के साथ पूरे विधि विधान के साथ किया जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को तुलसी विवाह संपन्न किया जाता है।

तुलसी विवाह क्या है और जानें इसका महत्व
मान्यताओं के अनुसार एकादशी को भगवान् विष्णु अपने चातुर्मास के शयनकाल से उठते हैं इसलिए इस दिन को देवउठानी भी कहा जाता है। यह दिन बड़ा ही शुभ माना गया है। इसी तिथि पर भगवान विष्णु ने अपने शालिग्राम अवतार में माता तुलसी से विवाह संपन्न किया था।
तुलसी विवाह करने से कन्यादान जितने पुण्य की प्राप्ति होती है। तुलसी और भगवान शालीग्राम का विधिवत पूजन करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं एवं मोक्ष प्राप्ति के द्वार खुलते हैं। वैवाहिक जीवन में आ रही बाधाओं से भी मुक्ति प्राप्त होती है।

तुलसी विवाह शुभ मुहूर्त
एकादशी तिथि 15 नवंबर को सुबह 06:39 पर समाप्त होगा और द्वादशी तिथि का आरंभ होगा। तुलसी विवाह 15 नवंबर 2021, सोमवार को किया जाएगा। द्वादशी तिथि 16 नवंबर को सुबह 08:01 तक है।

तुलसी विवाह की विधि
दो साफ़ लकड़ी की चौकी लेकर उसपर आसन बिछाएं। एक पर तुलसी जी का पौधा और एक पर भगवान शालिग्राम को स्थापित करें। दोनों चौकियों के ऊपर गन्ने से छोटा सा मंडप सजाएं। तुलसी पर लाल रंग की चुन्नी व अन्य श्रृंगार की चीज़ें सजाएं। कलश में जल रखें और आम के पत्ते भी रख लें। दोनों के समक्ष दीप जलाएं व कुमकुम से तिलक करें। इसके बाद शालिग्राम की पूजा करके उनके द्वारा तुलसी जी की सात बार परिक्रमा करवाएं। दोनों की आरती करके मंगलकामना करें व प्रसाद वितरित करें। इस प्रकार तुलसी विवाह संपन्न हो जायेगा।



Click it and Unblock the Notifications











