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वेद अनुसार जानें पति पत्नी में होने चाहिए कौन से गुण
विवाह वो पड़ाव है जिसके लिए हमने बहुत सारे सपने देखे होते हैं और बाद में हमारी पूरी जिन्दगी का बदलाव भी यही पड़ाव साबित होता है। विवाह की सफलता और असफलता ही हमारे आने वाले जीवन की नींव होती है। हिन्दू धर्म में विवाह को बहुत महत्व दिया गया है, यही वजह है कि इस संबंध को तोड़ना, जिसे आम बोलचाल में तलाक कहा जाता है इतना आसान नहीं होता। विवाह को जीवन भर का साथ कहा गया है और इसी वजह से बड़े-बुजुर्ग भी यह कहते हैं कि हमेशा सोच-समझकर ही किसी रिश्ते को अपनाना चाहिए।

विवाह से पहले कुंडली मिलान तो जरुरी है ही लेकिन जिससे आप विवाह करने जा रहे हैं, उसके बारे में अच्छे से जाने के बाद ही विवाह की मंजूरी दी जाती है। बड़े-बुजुर्गों के अलावा हमारे शास्त्र भी कुछ ऐसा ही कहते हैं जिनका ध्यान अगर रखा जाए तो अपने लिए जीवनसाथी का चुनाव करने में आपसे भूल नहीं होगी।
कहते हैं एक स्त्री ही घर को स्वर्ग बना सकती है और अगर चाहे तो नर्क भी बना सकती हैं।आजकल भले ही महिलाएं आत्म निर्भर हो रही हों, खुद बाहर निकलकर पुरुषों की तरह काम करही हों लेकिन इसके बावजूद घर को संभालने जैसे गुण उनके सिवाए किसी और के अंदर नहीं हो सकता है। ऐसा ही कुछ पुरुषों के साथ भी है। तो आइये जानते हैं कुछ ऐसी ही गुण जो स्त्री और पुरुष दोनों में पाए जाते हैं अगर वे विवाह करना चाहते हैं।

1. एक स्त्री में क्या गुण होने चाहिए
शास्त्रों के अनुसार एक स्त्री का शरीर इतना स्वास्थ होना चाहिए जिससे वह आगे चल कर अच्छी और स्वास्थ संतान पैदा कर सके।

2 व्यवहार-कुशल
स्त्री का व्यवहार अच्छा होना चाहिए जिससे वह घर, बच्चों और बड़ों को अच्छे से संभाल सके।

3 मानसिक तौर पर मजबूत
स्त्री को मानसिक तौर पर मजबूत होना चाहिए। जिससे घर में सकारात्मकता बनी रहे और बच्चों को एक अच्छा मौहोल मिलता है।

4 सबकी बात सुनती हो
एक स्त्री को सबकी बात सुनी चाहिए जिससे वह अपने बच्चों या बड़े बुज़ुर्ग। यही नहीं इसे घर में होने वाली छोटी छोटी परेशानियों को भी कम करने में मदद मिलती है।

5 भगवान में भरोसा हो
स्त्री के अंदर आध्यात्मिकता और ईश्वर में विश्वास होना चाहिए जिससे वह आने वाले वक़्त में अपने परिवार को मुश्किल हालातों से बाहर निकाल सकती है बारने का कार्य करता है।

6 जो जीवन भर का साथ दे
हर एक स्त्री के अंदर अपने परिवार और बच्चों के प्यार होना चाहिए। क्यों कि विवाह भारतीय समाज में जीवनभर का साथ होता है। उसका समर्पण उसके परिवार और पति के लिए हमेशा के लिए होना चाहिए।

7 अब जानते हैं पुरुषों के गुण....
पुरुषों के भीतर सबसे पहला और बड़ा गुण होना चाहिए अपनी पत्नी के प्रति उनका समर्पण। साथ ही उसे अपनी पत्नी की इज़ात करनी चाहिए।

8 कोई राज नहीं होना चाहिए
जो पति अपनी पत्नी से राज नहीं छुपता है वही आदर्श पति होता है साथ ही इससे पत्नी के दिल में उसे खास जगह मिलती है।

9 धार्मिक विश्वास
स्त्री हो या पुरुष, दोनों को धार्मिक अवश्य होना चाहिए। उनका पवित्र आचरण परिवार के लिए लाभदायक होता है।

10 धैर्य
पुरुष के अंदर धैर्य, प्रेम और दूसरों का ख्याल रखने का गुण होना चाहिए क्योंकि उसे भी एक दिन पिता बनना होगा।

11 अनुशासित हो
जो पुरुष अपनी ज़िन्दगी को एक अनुशासित तरीके से जीता है वही अपना विवाहित जीवन को अच्छे से निभाता है।

12 परिवार के लिए प्यार, देखभाल और सम्मान
पुरुष के लिए भी अपने परिवार के लिए प्रेम और सम्मान अवश्य होना चाहिए। इसके अलावा वह अपने परिवार की रक्षा करने वाला भी होना चाहिए।



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