Latest Updates
-
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया
जानें, हिंदू धर्म में लोग अपना मुंडन क्यूं करवाते हैं?
हिन्दू धर्म में कई अनुष्ठान होते हैं जैसे मुंडन, उपनयन संस्कार, और शादी, एक हिन्दू को जन्म से ही इन सारी परंपराओं का पालन करना पड़ता है। यह हिन्दू धर्म की सदियों पुरानी परंपरा है जिसे हर हिंदू बहुत निष्ठा से निभाता है, जिससे उसे जन्म के चक्र से मुक्ति मिले या मोक्ष की प्राप्ति हो जाये।
हिन्दू धर्म में मुंडन करना एक महत्वपूर्ण परंपरा है जो सदियों से चली आर ही है। तिरुपति और वाराणसी जैसे पवित्र स्थानों में मुंडन करवाना बहुत शुभ माना जाता है।
READ: जानें महिलाएं क्यूं पहनती हैं मंगलसूत्र
बालों को ग़ुरूर का चिन माना जाता है जिससे भगवान के आगे दान कर देते हैं। लोग अपने बाल अपनी मन्नत पूरी हो जाने पर भी दान करते हैं। आइये जानते हैं मुंडन क्यूं करवाया जाता है?

जन्म और पुनर्जन्म
हिंदू धर्म में जन्म और पुनर्जन्म का बहुत बड़ा महत्त्व है। ऐसी मान्यता है कि बच्चे के मुंडन से बाद वह अपनी पुरानी ज़िन्दगी के बंधनों से मुक्त हो जाता है। मुंडन हो जाने से बच्चे की नयी ज़िन्दगी शुरू हो जाती है।
अपने आप को समर्पित कर देना
बालों को गर्व और अहंकार का चिन माना जाता है। यही वजह है मुंडन करने से हम अपना अहंकार तयाग कर अपने आपको भगवान को समर्पित कर देते हैं। मुंडन करने से हम सारे बुरे विचारों को भी त्याग देते हैं जिससे हम भगवान के और करीब जा सके।
मन्नत पूरी होने पर
लोग मुंडन इस लिए भी करते हैं जब उनकी कोई मन्नत पूरी हो जाती है। मन्नत पूरी हो जाने के बाद हम भगवान को अपने बाल अर्पित करते हैं, और उनका ध्यांवाद करते हैं। यह परंपरा ज्यादा तर तिरुपति और वाराणसी में होती है। इसलिए हिंदू धर्म में मुंडन करना बहुत महत्वपूर्ण परंपरा है।



Click it and Unblock the Notifications