Latest Updates
-
घर से मुस्लिम प्रेमी संग भागी महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा, केरल में रचाई शादी -
कौन हैं सायली सुर्वे? मिसेज इंडिया अर्थ 2019 ने मुस्लिम पति पर लगाए लव जिहाद के आरोप, हिंदू धर्म में की वापसी -
कौन हैं हरीश राणा, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने दी इच्छामृत्यु की अनुमति? जानिए 13 साल से कोमा में क्यों थे -
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी पर चाय पी सकते हैं या नहीं? जानें व्रत से जुड़े सभी जरूरी नियम -
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी के दिन झाड़ू लगाना शुभ या अशुभ? बसौड़ा पर भूलकर भी न करें ये गलतियां -
Sheetala Ashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है शीतला अष्टमी? जानिए सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
Sheetala Ashtami Vrat Katha: शीतला अष्टमी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, घर में आएगी सुख-समृद्धि -
Sheetala Ashtami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद बना रहे...इन संदेशों के साथ अपनों को दें बसौड़ा की बधाई -
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो
भाई-बहन के दिलों को जोड़े भाईदूज का पर्व
भाई और बहन का रिश्ता सच मुच सबसे जुदा और मजबूत माना गया है। भाई दूज और रक्षाबंधन जैसे पर्व इस बंधन को और भी ज्यादा मजबूत बना देते हैं। दीवाली के दूसरे दिन के बाद अधिकतर घरों में भाई दूज मनाने की परंपरा होती है। भाईदूज में हर बहन कुमकुम एवं अक्षत से अपने प्यारे भाई के माथे पर तिलक लगाती है और उसके उज्जवल भविष्य के लिये आर्शिवाद देती है। इसके बाद भाई अपनी बहन को पैसे या कोई उपहार देता है। क्या आप जानना चाहते हैं कि भारत में भाईदूज इतनी हंसी खुशी के साथ क्यूं मनाया जाता है? आइये जानते हैं इसका कारण -

भाईदूज से जुड़ी कथा-
भाईदूज को 'यम द्वितीया' भी कहते हैं। कहते हैं कि इसी दिन यम देवता ने अपनी बहन यमी (यमुना) को दर्शन दिये थे, जो कि बहुत दिनों से उनसे मिलने के लिये परेशान थी। फिर यम उसके घर पर आए और यमी ने उनका खूब खुले दिल से स्वागत किया। फिर यम ने प्रसन्न होकर उसे वरदान दिया कि इस दिन यदि भाई-बहन दोनों एक साथ यमुना नदी में स्नान करेंगे तो उनकी मुक्ति हो जाएगी। एक दूसरी कथा में भगवान श्री कृष्ण ने दानव, नरकासुर का वध किया था। फिर वह अपनी बहन सुभद्रा के पास गए और उनकी बहन ने उनका तिलक कर के स्वागत किया।
भाईदूज का महत्व
हर भारतीय त्योहार की तरह भाईदूज का भी अपना अगल महत्व है। यह परिवार को पास लाने और भाई-बहन के प्यार को मजबूत करने का त्योहार है।



Click it and Unblock the Notifications











