Latest Updates
-
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक -
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं
भाई-बहन के दिलों को जोड़े भाईदूज का पर्व
भाई और बहन का रिश्ता सच मुच सबसे जुदा और मजबूत माना गया है। भाई दूज और रक्षाबंधन जैसे पर्व इस बंधन को और भी ज्यादा मजबूत बना देते हैं। दीवाली के दूसरे दिन के बाद अधिकतर घरों में भाई दूज मनाने की परंपरा होती है। भाईदूज में हर बहन कुमकुम एवं अक्षत से अपने प्यारे भाई के माथे पर तिलक लगाती है और उसके उज्जवल भविष्य के लिये आर्शिवाद देती है। इसके बाद भाई अपनी बहन को पैसे या कोई उपहार देता है। क्या आप जानना चाहते हैं कि भारत में भाईदूज इतनी हंसी खुशी के साथ क्यूं मनाया जाता है? आइये जानते हैं इसका कारण -

भाईदूज से जुड़ी कथा-
भाईदूज को 'यम द्वितीया' भी कहते हैं। कहते हैं कि इसी दिन यम देवता ने अपनी बहन यमी (यमुना) को दर्शन दिये थे, जो कि बहुत दिनों से उनसे मिलने के लिये परेशान थी। फिर यम उसके घर पर आए और यमी ने उनका खूब खुले दिल से स्वागत किया। फिर यम ने प्रसन्न होकर उसे वरदान दिया कि इस दिन यदि भाई-बहन दोनों एक साथ यमुना नदी में स्नान करेंगे तो उनकी मुक्ति हो जाएगी। एक दूसरी कथा में भगवान श्री कृष्ण ने दानव, नरकासुर का वध किया था। फिर वह अपनी बहन सुभद्रा के पास गए और उनकी बहन ने उनका तिलक कर के स्वागत किया।
भाईदूज का महत्व
हर भारतीय त्योहार की तरह भाईदूज का भी अपना अगल महत्व है। यह परिवार को पास लाने और भाई-बहन के प्यार को मजबूत करने का त्योहार है।



Click it and Unblock the Notifications
