Latest Updates
-
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी -
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह -
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व -
कभी 75 रुपये में साफ करते थे गाड़ियां, आज कहलाते हैं दिल्ली के खान सर; पढ़ें मनोज गर्ग की सक्सेस स्टोरी -
Sawan 2026: सावन में दाढ़ी और बाल कटवाना चाहिए या नहीं? जानें ज्योतिष और धार्मिक नियम -
कौन थीं अनन्या राज? 27 साल की उम्र में हुई मौत, एक महीने बाद सामने आई निधन की खबर
साईकिल क्यों चलाये

पहले छात्र ने कहा, "यह साईकिल आलू का बोरा ढो रही थी। मैं इस बात से खुश हूँ कि मेरी पीठ बोझ उठाने के दर्द से बच गई।"
गुरू खुश हुए और बोले, "तुम एक चतुर बालक हो। जब तुम बूढ़े हो जाओगे तो तुम मेरी तरह कूबड़ से बच जाओगे।"
दूसरे छात्र ने अलग उत्तर दिया, "मैं चाहता था कि सवारी करते समय मेरी आँखें वृक्षों और विशाल क्षेत्रों को देखें।"
गुरू ने सराहना करते हुए कहा, "तुम्हारी आँखें खुली हुई हैं और तुम संसार को देखो।"
तीसरे शिष्य ने और भिन्न उत्तर दिया, "जब मैं सवारी करता हूँ तब मैं ‘नाम म्योहो रेंगे क्यों' मन्त्र का जाप करता हूँ।"
तब गुरु खुश हुए और बोले, तुम हर तरह की समस्या से आसानी से जूझ सकते हो।
चौथे छात्र ने कहा, साइकिल चलाना, जीवन में सही सामांजस बिठाने जैसा है।
गुरु खुश हुये और उत्तर दिया, तुम वास्तव में स्वर्ण पथ सवारी कर रहे हो, जो बिना किसी को नुकसान पहुंचाए या अंहिसा का पथ है।
पांचवे छात्र ने उत्तर दिया, मैं साइकिल केवल साइकिल चलाने के लिये चलातू हूं।
गुरु छात्र के पास आगे बढे और उसके चरणों में बैठ कर बोले, मैं तुम्हारा शिष्य हूं।



Click it and Unblock the Notifications