Latest Updates
-
El Nino: क्या है एल नीनो, मानसून की बारिश और तापमान पर कैसे असर डालता है? जानिए सब कुछ -
Grandma Sunday Recipe Rajma Chawal Recipe: दादी के हाथ जैसा स्वाद अब घर पर पाएं -
दही के साथ भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Telangana Formation Day Quotes: गर्व से कहो जय तेलंगाना! अपनों को भेजें दिल को छू लेने वाले बधाई संदेश -
Indore Street Style Poha Recipe: घर पर बनाएं इंदौर जैसा चटपटा और खिला-खिला पोहा -
5th Bada Mangal 2026: पांचवे बड़े मंगल पर करें पंचमुखी हनुमान कवच का पाठ, बजरंगबली दूर करेंगे सभी संकट -
Aaj Ka Rashifal 02 June 2026: मंगलवार को इन राशियों पर होगी धनवर्षा, बजरंगबली की कृपा से दूर होंगे सारे कष्ट -
No Bitterness Trick Karela Sabzi Recipe: अब घर पर बनाएं बिना कड़वाहट वाली चटपटी सब्जी -
घर में क्लेश और बार-बार होने वाली बीमारियों के पीछे हो सकती है बुरी नजर, दूर करने के लिए अपनाएं ये वास्तु उपाय -
Bihari Style Crunchy Chivda Namkeen Recipe: चाय के साथ लें कुरकुरे स्नैक का मजा
Sita Navami 2026: सीता नवमी कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि
Sita Navami 2026: वैशाख महीने में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार आते हैं, जिनमें सीता नवमी का विशेष महत्व है। यह दिन माता सीता के जन्म उत्सव के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सीता नवमी का पर्व मां सीता के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसलिए इसे सीता जयंती या जानकी जयंती के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन माता सीता और भगवान राम का पूजन किया जाता है। कई लोग पूजा-पाठ के अलावा व्रत भी रखते हैं। हिंदू धर्म में माता सीता को आदर्श पत्नी और नारी का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि यदि सुहागिन महिलाएं माता सीता का पूजन करें, तो उन्हें सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। तो आइए, जानते हैं इस साल सीता नवमी कब मनाई जाएगी, क्या है शुभ मुहूर्त और महत्व -

कब है सीता नवमी 2026? (Sita Navami 2026 Kab Hai?)
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि की शुरुआत 24 अप्रैल 2026, शुक्रवार को रात 07 बजकर 21 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 25 अप्रैल 2026, शनिवार को शाम 06 बजकर 27 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, इस बार सीता नवमी 25 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी।
सीता नवमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त
सीता नवमी के दिन पूजा करने का सबसे अच्छा समय सुबह 10 बजकर 58 मिनट से दोपहर 1 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इस दौरान लगभग 2 घंटे 36 मिनट का समय पूजा, मंत्र जाप और आराधना के लिए उत्तम माना गया है।
सीता नवमी का महत्व
हिंदू धर्म में सीता नवमी का पर्व बेहद पवित्र माना जाता है, क्योंकि इसी दिन माता सीता का जन्म हुआ था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मिथिला के राजा जनक जब यज्ञ की भूमि तैयार करने के लिए खेत में हल चला रहे थे, तभी उन्हें भूमि के नीचे से एक कलश में माता सीता कन्या रूप में प्राप्त हुई थीं। इसलिए उन्हें "भूमि पुत्री" कहा जाता है। इसलिए वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता जनमोत्स्व मनाया जाता है। यह पर्व आदर्श नारीत्व, त्याग, धैर्य और पवित्रता का प्रतीक भी है। मान्यता है कि इस दिन माता सीता और भगवान राम की पूजा-अर्चना करने से वैवाहिक जीवन सुखमय होता है और पति-पत्नी के बीच प्रेम और विश्वास बढ़ता है। साथ ही, जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
सीता नवमी पूजा विधि
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
इसके बाद पूजा और व्रत का संकल्प लें।
पूजा स्थल को गंगा जल से साफ करें और एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता सीता और भगवान राम की प्रतिमा या मूर्ति स्थापित करें।
पूजा के दौरान फूल, माला, शृंगार की वस्तुएं, चावल, रोली, धूप, दीप, फल और मिठाई अर्पित करें।
'श्री जानकी रामाभ्यां नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।
सीता नवमी की व्रत कथा और सीता चालीसा का पाठ करें।
अंत में तिल के तेल या शुद्ध घी का दीपक जलाकर माता सीता और भगवान राम की आरती करें।



Click it and Unblock the Notifications