Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
Somnath Amrit Mahotsav: पीएम मोदी ने सोमनाथ में किया कुंभाभिषेक, जानें 11 तीर्थों के जल का महत्व
Somnath Amrit Mahotsav: प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ की महिमा और आधुनिक भारत के संकल्पों के संगम का साक्षी बना 'सोमनाथ अमृत महोत्सव 2026। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और उसकी प्राण-प्रतिष्ठा के गौरवशाली 75 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस भव्य आयोजन में शामिल हुए। पीएम मोदी ने न केवल भगवान सोमनाथ के चरणों में शीश नवाया, बल्कि देश की सुख-समृद्धि के लिए मंदिर के विशाल शिखर का 11 पवित्र तीर्थों के जल से अभूतपूर्व कुंभाभिषेक भी किया। 90 मीटर ऊंचे स्वर्ण शिखर पर जब 11 तीर्थों की पवित्रता का मिलन हुआ, तो वह क्षण न केवल धार्मिक रूप से बल्कि राष्ट्र की एकता के प्रतीक के रूप में भी जीवंत हो उठा। आइए जानते हैं इस अमृत महोत्सव की भव्यता और 11 तीर्थों के जल से होने वाले कुंभाभिषेक का आध्यात्मिक रहस्य।

सोमनाथ अमृत पर्व 2026 का महत्व
यह महोत्सव उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है जब लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के संकल्प से सोमनाथ मंदिर का पुनरुद्धार हुआ था। पीएम मोदी ने इस अवसर पर विशेष महापूजा की और मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को अमर बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने एक विशेष स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी किया। महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से भक्ति और कला का अद्भुत वातावरण निर्मित किया। सोमनाथ मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति के 'अजेय' होने का प्रमाण है। कई बार आक्रमणों के बाद भी यह मंदिर हर बार और अधिक भव्यता के साथ खड़ा हुआ। आज का 'अमृत पर्व' इसी अदम्य विश्वास और भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।
क्या होता है कुंभाभिषेक? (What is Kumbhabhishekam)
शास्त्रों के अनुसार, 'कुंभ' का अर्थ है कलश और 'अभिषेक' का अर्थ है पवित्र जल से स्नान कराना। ऐसे में कुंभाभिषेक वह वैदिक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा को पुनर्जीवित और संवर्धित किया जाता है। माना जाता है कि मंदिर के शिखर का अभिषेक करने से पूरी मूर्ति और मंदिर परिसर में दिव्य शक्ति का संचार होता है। मान्यता है कि 'शिखर दर्शनं पाप नाशनम्', अर्थात शिखर के दर्शन और अभिषेक मात्र से पापों का अंत होता है।
11 तीर्थों के जल का महत्व: क्यों है यह महासंयोग?
सोमनाथ के 90 मीटर ऊंचे भव्य शिखर का अभिषेक भारत के 11 पवित्र तीर्थों (जैसे गंगा, यमुना, कावेरी, गोदावरी, नर्मदा आदि) के जल से किया गया। इसका महत्व निम्नलिखित है जिसके बारे में हर कोई जानना चाहता है।
एकादश रुद्र का प्रतीक: भगवान शिव के 11 स्वरूपों (रुद्रों) की शक्ति को सक्रिय करने के लिए 11 की संख्या अत्यंत शुभ मानी जाती है।
अखंड भारत की एकता: देश के अलग-अलग कोनों से लाए गए तीर्थों का जल यह संदेश देता है कि सोमनाथ पूरे भारत की आस्था का केंद्र है।
ब्रह्मांडीय शुद्धि: 11 नदियों का जल जब मंत्रोच्चार के साथ शिखर पर चढ़ाया जाता है, तो उससे निकलने वाली तरंगें आसपास के पर्यावरण को शुद्ध और सकारात्मक बनाती हैं।



Click it and Unblock the Notifications
