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Surya Grahan Me Kya Na Kare: पितृ पक्ष अमावस्या के दिन साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, न करें ये भूल
Surya Grahan Me Kya Na Kare Aur Kya Na Kare: हिन्दू पंचांग और ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और चन्द्र ग्रहण का बेहद ख़ास महत्त्व होता है। इस वर्ष का दूसरा सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर को लगने जा रहा है। इसी दिन सर्व पितृ अमावस्या भी है।
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच दिन के समय आता है और सूर्य के प्रकाश को धरती तक आने में बाधित करता है। हालांकि अक्टूबर माह में लगने जा रहा ये सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा, इसी कारण यहाँ सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। लेकिन इसके बावजूद लोगों को कुछ बातों का ख़ास ख्याल रखना चाहिए। जानते हैं सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या ना करें -

क्या ना करें
14 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण के दिन मंदिर न जाएं। ग्रहण के सूतक काल के दौरान ना ही मंदिर जाना चाहिए और ना ही घर के पूजाघर में पूजा की जानी चाहिए।
ग्रहण काल के दौरान किसी भी पूजनीय चीज़ों को हाथ नहीं लगाना चाहिए। इस दौरान तुलसी को भी ना छुएं।
ग्रहणकाल में घर में कैंची का भी प्रयोग ना करें। इस समय फूलों को भी तोड़ने की मनाही होती है।
ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बिलकुल भी नहीं निकलना चाहिए वरना इसका बुरा असर गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ सकता है।
सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन नहीं पकाना चाहिए। ना ही सूतक काल के दौरान खाना चाहिए।
इस दौरान शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनाने चाहिए। साथ ही अपने व्यवहार को शांत बनाये रखना चाहिए।
सूर्य ग्रहण के दौरान ज़रूर करें ये कार्य

ग्रहण काल के दौरान धुप अगरबत्ती जलाकर रखें। इससे घर में ग्रहण के समय भी सकारात्मकता और अच्छी ऊर्जा बनी रहती है।
ध्यान रहे कि खाने पीने की चीज़ों में ग्रहण से पहले ही कुछ तुलसी के पत्ते डाल दें, इससे वे दूषित होने से बच जायेंगे।
ग्रहण के समय ईश्वर का ध्यान लगायें। और सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद कुछ ख़ास मंत्रों का जाप ज़रूर करें -
"ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।"
"ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।"
"विधुन्तुद नमस्तुभ्यं सिंहिकानन्दनाच्युत,दानेनानेन नागस्य रक्ष मां वेधजाद्भयात्॥"
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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