Latest Updates
-
Anant Chaturdashi Vrat Katha: अनंत चतुर्दशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर हो जाएंगे सारे कष्ट -
Anant Chaturdashi 2026 Wishes: श्री हरि का आशीष...इन संदेशों के साथ अपनों को दें अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं -
Hurun India Rich List 2026: ये हैं भारत के टॉप 10 सबसे अमीर लोग, जानिए किसके पास है कितनी दौलत -
Bhadrapada Purnima 2026: कब है भाद्रपद पूर्णिमा? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और पूजा विधि -
बढ़े हुए प्रोस्टेट का मतलब कैंसर नहीं, जानें बढ़े हुए प्रोस्टेट, प्रोस्टेटाइटिस और प्रोस्टेट कैंसर में अंतर -
कौन हैं विवेक ओबेरॉय की गोद ली हुई बेटी सहारा शाह? जल्द करेंगी एक्टिंग डेब्यू, कैंसर से जीत चुकी हैं जंग -
कभी ऑस्ट्रेलिया में करता था पिज्जा डिलीवरी, आज खुद है 3 रेस्टोरेंट का मालिक, ऐसे बदली इस भारतीय की किस्मत -
Anant Chaturdashi 2026 Date: कब है अनंत चतुर्दशी? नोट करें तारीख, गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त और विधि -
डायबिटीज में आम, केला और आलू खाना चाहिए या नहीं? जानिए मिथक और सच्चाई -
Guru Pradosh Vrat 2026: 23 या 24 सितंबर, कब है भाद्रपद का आखिरी प्रदोष व्रत? जानें तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त
Tija Pora Wishes: करू-भात खाकर रखा जाता है तीजा व्रत, इस तिहार पर भेजें सबको ये बधाई संदेश
Tija Pora Festival in Chhattisgarh: हरतालिका तीज का पर्व पूरे उत्तर और मध्य भारत में धूमधाम से मनाया जाता है। यह सुहागन महिलाओं द्वारा रखा जाने वाला निर्जला व्रत होता है जिससे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
छत्तीसगढ़ राज्य में भी यह त्यौहार तीजा पोरा के तौर पर मनाया जाता है। 14 सितम्बर को पोरा त्यौहार मनाया गया और महिलाओं ने तरह तरह के पकवान बनाएं। 18 सितम्बर को राज्यभर की महिलाएं निर्जला व्रत रखेंगी। जानते हैं छत्तीसगढ़ी तिहार तीजा पोरा के बारे में विस्तार से और पेश हैं छत्तीसगढ़ी भाषा में कुछ बधाई सन्देश -

तीजा तिहार की तिथि
तीजा त्यौहार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष महिलायें 18 सितम्बर को यह व्रत रखेंगी। वे 17 सितंबर की रात को भोजन ग्रहण करेंगी, 18 को पूरे दिन निर्जला व्रत रखेंगी और फिर 19 की सुबह सूर्योदय के बाद स्नान करके, नये वस्त्र धारण करके, गणेश पूजन के बाद व्रत का पारण करेंगी। 18 सितंबर को व्रत के दिन वे सोलह श्रृंगार करती हैं, भगवान शिव और माता गौरी का पूजन और कथा सुनती हैं।
खाया जाता है करू भात
व्रत रखने से एक रात पहले राज्य में करू भात खाने का प्रचलन है। एक दूसरे के घर जाकर करू भात खाती हैं। करू भात यानी करेले की सब्ज़ी और चावल 17 तारीख को खाने के बाद महिलायें 18 को व्रत का पालन करेंगी। साथ ही तीजा के अवसर पर छत्तीसगढ़ की महिलायें अपने मायके जाती हैं।
हर सुहागिन जाती है अपने मायके
सभी विवाहित बेटियां अपने माता पिता के घर आती हैं, उनके लिए तरह तरह के स्थानीय पकवान जैसे ठेठरी, खुर्मी, बड़ा, अइढ़सा आदि बनाये जाते हैं। अपने गांव वापस जाकर महिलायें बचपन की यादों को भी ताज़ा करती हैं और उन सहेलियों से भी मुलाकात कर पाती हैं जिनसे शादी के बाद मिलना मुश्किल हो जाता है। तीजा का यह त्यौहार महिलाओं के मिलन और खुशियों का पर्व हो जाता है।

तीजा के दिन पारंपरिक लोक गीत भी गाए जाते हैं। साथ ही बच्चे मिट्टी से बने बैलों से खेलते हैं। घरों को रंग बिरंगे तोरण और फूलों से सजाया जाता है। गांव घर की छटा इस दिन देखने वाली होती है।
तीजा के कुछ बधाई सन्देश
1.
चंदन की खुशबू, बादलों की फुहार
मुबारक हो आप मन ला तीजा के तिहार!
2.
शिव जी की होवे कृपा,
मां पार्वती के मिले आशीर्वाद,
सब्बो संगवारी मन मिल के मनाएं तीजा तिहार!
तीजा पोरा के गाड़ा गाड़ा बधाई!

3.
नंदिया-बइला चलाबो
तीजा-पोरा तिहार मनाबो!
जम्मो तिजहारिन मन ला तीजा तिहार के अब्बड़ बधई।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
