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Jyeshtha Purnima Ke Din Hair Cut: जेठ माह की पूर्णिमा के दिन बाल कटवाना शुभ या अशुभ?
Jyeshtha Purnima Ke Din Hair Cut: सनातन हिन्दू धर्म में पूर्णिमा और अमावस्या तिथियों का बेहद खास महत्व होता है। ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा को वट पूर्णिमा भी कहा जाता है। यह धार्मिक दृष्टि से बेहद ख़ास और महत्वपूर्ण तिथि है।
इस दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करने का बेहद उत्तम योग होता है। श्री हरी विष्णु, कृष्ण भगवान और चंद्रदेव की अराधना से इस दिन विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। इस दिन सुहागिन महिलाएं वट पूर्णिमा का व्रत करती हैं और देवी सावित्री का स्मरण कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है और पति पर आने वाला हर संकट टल जाता है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा 2024 की तिथि
ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि प्रारंभ- 21 जून 2024 को सुबह 7 बजकर 31 मिनट से
ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि समाप्त- 22 जून 2024 को सुबह 6 बजकर 38 मिनट पर
उदया तिथि अनुसार ज्येष्ठ तिथि-- 22 जून 2024
हालांकि वट पूर्णिमा का व्रत 21 जून 2024, शुक्रवार को ही रखा जा रहा है।
पूर्णिमा तिथि विशेष विधि विधान से माता लक्ष्मी और लक्ष्मी नारायण की पूजा अर्चना की जाती है जिससे घर में आर्थिक स्थिति बेहतर होती है। सुख समृद्धि में बढ़ोतरी होती है। साथ उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद मिलता है। कुछ कार्य हैं जिन्हें ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन नहीं करना चाहिए। इससे माता लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं। इन्ही में से एक काम है जेठ माह की पूर्णिमा के दिन बाल कटवाना।

ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन बाल कटवाना सही या गलत?
ऐसी मान्यता है की माघ पूर्णिमा के दिन बाल कटवाने से माता लक्ष्मी के साथ साथ भगवान विष्णु और चंद्रदेव रुष्ट हो जाते हैं। धार्मिक ग्रंथो के मुताबिक़ किसी भी पवित्र दिन पर बाल कटवाना शुभ नहीं माना जाता है। बाल कटवाने की क्रिया से जुड़े अलग अलग अर्थ भी निकाले जाते हैं। वैसे ज्यादातर मौकों पर बाल कटवाना या नाख़ून काटना शुभ नहीं माना जाता है।
इस बात का जिक्र महाभारत के अनुशासन पर्व में भी मिलता है। ऐसा माना जाता है कि किसी शुभ दिन पर बाल कटवाने से धन, धान्य, बुद्धि और ज्ञान की हानि हो जाती है। बेहतर होगा कि ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन बाल ना कटवाएं। आप ऐसी किसी पवित्र तिथि से पहले ही बाल कटवा लें ताकि आपको ज्येष्ठ पूर्णिमा जैसे पावन दिन पर बाल कटवाना ना पड़े। पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ लक्ष्मी माता की पूजा करें ताकि घर और जीवन में शुभता बनी रहे। उनका निवास घर में रहने से कभी भी आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ता है। पूर्णिमा तिथि के दिन घर आये किसी जरूरतमंद को खाली हाथ ना लौटाएं। अपनी क्षमता के अनुसार मदद जरूर करें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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