Ramadan 2026: क्यों है इस्लाम में रमजान के महीने का इतना महत्व? जानिए क्यों रखा जाता है रोजा

Ramadan 2026: रमजान का पाक महीना हर मुसलमान के लिए बरकतों वाला होता है। रमजान इस्लामिक चंद्र कैलेंडर का नौवां महीना होता है, जो शाबान के बाद आता है। इस दौरान मुसलमान रोजा रखते हैं और अपना अधिकतर समय इबादत, दुआ और नफ्स पर काबू करने में बिताते हैं। रमजान का महत्व केवल एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि सऊदी अरब, भारत, पाकिस्तान, तुर्की, इंडोनेशिया और यूएई समेत दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय के लिए खास होता है। इस महीने की शुरुआत चांद दिखने पर निर्भर करती है, इसलिए अलग-अलग देशों में रमजान अलग दिन से शुरू हो सकता है। रमजान में 29 या 30 रोजे रखे जाते हैं। इसके बाद ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है।

Roza Significance

रमजान 2026 कब से शुरू होगा? (Ramadan 2026 Start Date)

रमजान की शुरुआत चांद दिखने पर निर्भर करती है। अगर शाबान महीने की 29वीं रात को चांद दिखाई देगा तो अगले दिन पहला रोजा रखा जाता है। अगर उस दिन चांद नजर नहीं आता, तो रमजान एक दिन बाद शुरू होता है। खगोलीय गणनाओं के अनुसार, सऊदी अरब और खाड़ी देशों में पहला रोजा एक दिन पहले होता है। सऊदी अरब में कल यानी 17 फरवरी 2026 को में चांद दिखाई दे चुका है, जिसके बाद वहां 18 फरवरी से रमजान के रोजे शुरू हो गए। आमतौर पर भारत में इसके एक अगले दिन से ही रोजा शुरू किया जाता है। ऐसे में, यदि 18 फरवरी को चांद नजर आ जाता है, तो भारत में 19 फरवरी 2026 से रमजान का पहला रोजा रखा जाएगा।

रमजान 2026 कब तक रहेगा? (Ramadan 2026 End Date)

रमजान का महीना आमतौर पर 29 या 30 दिनों का होता है। अगर रमजान 19 फरवरी से शुरू होता है, तो इसके 19 या 20 मार्च 2026 तक चलने की उम्मीद है।

रमजान क्यों मनाया जाता है? (Why Is Ramadan Celebrated)

रमजान के महीने को सबसे पवित्र माना जाता है क्योंकि इसी महीने में पैगंबर हजरत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर कुरान शरीफ उतरा था। यानी इसी महीने में पहली बार पैगंबर मोहम्मद को कुरान का ज्ञान प्राप्त हुआ था। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, रमजान में की गई इबादत और नेक अमल का सवाब 70 गुना बढ़ जाता है। यही वजह है कि इस महीने का इंतजार हर मुसलमान बेसब्री से करता है।

रमजान का महत्व (Significane Of Ramadan In Hindi)

रमजान को इस्लाम में सबसे पाक महीना माना जाता है। रोजा रखना इस्लाम के पांच फ़र्जों में से एक है। इस महीने में रोजेदार न सिर्फ खाने-पीने से परहेज करते हैं, बल्कि गलत बातों, बुरे विचारों और नकारात्मक व्यवहार से भी खुद को दूर रखने की कोशिश करते हैं। यह महीना धैर्य, आत्म-नियंत्रण, दया और इंसानियत सिखाता है।

रमजान में क्या-क्या किया जाता है?

रमजान के दौरान रोजेदार -
सुबह शहरी करते हैं और सूर्यास्त के समय इफ्तार से रोजा खोलते हैं
ज्यादा से ज्यादा नमाज, तिलावत और दुआ करते हैं
जरूरतमंदों की मदद और दान-पुण्य पर खास ध्यान देते हैं

रमजान में शब-ए-कद्र का महत्व

रमजान के आखिरी दस दिन बेहद खास माने जाते हैं। इन्हीं दिनों में शब-ए-कद्र की रात आती है, जिसे हजार महीनों से बेहतर बताया गया है। माना जाता है कि इस रात की गई इबादत का सवाब बेहद ज्यादा होता है।

ईद-उल-फितर 2026 कब होगी? (Eid-Ul-Fitr 2026)

रमजान के खत्म होने के बाद, अगले महीने के पहले दिन ईद-उल-फितर मनाई जाती है। ईद की तारीख भी चांद दिखने पर निर्भर करती है। अनुमान है कि भारत में ईद-उल-फितर 20 या 21 मार्च 2026 को मनाई जा सकती है। ईद के दिन लोग विशेष नमाज अदा करते हैं, एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं और जरूरतमंदों को ज़कात व फितरा देते हैं।

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