90% लोग नहीं जानते रेस्टोरेंट के ये रूल, जिन्हें न मानने पर विराट-अनुष्‍का की तरह आपको भी निकाल सकते हैं बाहर

Virat Kohli Anushka Sharma restaurant controversy : रेस्टोरेंट और कैफे का नाम आते ही लोगों के दिमाग में आरामदायक माहौल, स्वादिष्ट खाना और दोस्तों-परिवार के साथ समय बिताने का ख्याल आता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन जगहों पर रुकने के भी कुछ नियम होते हैं?

जी हां, भले ही यह कोई सरकारी कानून न हो, लेकिन रेस्टोरेंट या कैफे की अपनी प्राइवेट पॉलिसी होती है। अगर आप इनका पालन नहीं करते, तो आपको असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। हाल ही में क्रिकेट स्टार विराट कोहली और उनकी पत्नी, अभिनेत्री अनुष्का शर्मा के साथ ऐसा ही हुआ।

Virat Kohli Anushka Sharma restaurant controversy

क्या रेस्टोरेंट में रुकने का कोई नियम है?

भारत में इस बात को लेकर कोई कानूनी प्रावधान नहीं है कि आप रेस्टोरेंट में कितनी देर तक रुक सकते हैं। लेकिन चूंकि ये निजी व्यवसाय होते हैं, इसलिए मालिक या मैनेजमेंट को यह अधिकार होता है कि वे अपनी जगह किसे और कितनी देर तक इस्तेमाल करने दें। इसका सीधा मतलब है कि अगर आप बिना ऑर्डर किए लंबे समय तक बैठे हैं, तो मालिक आपको बाहर जाने के लिए कह सकता है।

रेस्टोरेंट का मकसद ग्राहकों को खाने-पीने की सेवा देना है। इस वजह से यह माना जाता है कि सीट पर कब्जा जमाए रखने से अन्य ग्राहकों को असुविधा हो सकती है। इसलिए मैनेजमेंट समय-समय पर ऐसे फैसले लेते हैं।

बिना ऑर्डर किए कब रुक सकते हैं?

कभी-कभी हालात ऐसे होते हैं कि आपको रेस्टोरेंट या कैफे में बिना ऑर्डर के थोड़ी देर रुकना पड़ता है। उदाहरण के लिए:

- अगर आप दोस्तों या परिवार वालों से मिलने आए हैं और वे थोड़ी देर में पहुंचने वाले हैं।

- किसी औपचारिक मीटिंग के लिए जगह का इस्तेमाल करना हो।

- या फिर आप थोड़ी देर आराम करना चाहते हों।

लेकिन इसके लिए भी जरूरी है कि आप समय का ध्यान रखें। कुछ कैफे या होटल मैनेजमेंट आपको थोड़ी देर तक बैठने की अनुमति दे सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करना सही नहीं माना जाता।

विराट और अनुष्का को क्यों करना पड़ा कैफे से बाहर निकलना?

इस घटना का जिक्र हाल ही में भारतीय महिला क्रिकेटर जेमिमा रोड्रिग्ज ने किया। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड दौरे के दौरान उनकी मुलाकात विराट कोहली और अनुष्का शर्मा से हुई थी। जेमिमा और उनकी साथी स्मृति मंधाना विराट से बल्लेबाजी पर सलाह लेना चाहती थीं। इस बातचीत के लिए विराट और अनुष्का उन्हें होटल के एक कैफे में मिले।

बातचीत इतनी लंबी चली कि लगभग चार घंटे तक सभी वहीं बैठे रहे। इस दौरान वे बातें करते रहे और समय का पता ही नहीं चला। लेकिन कैफे स्टाफ ने जब देखा कि टेबल लंबे समय से ब्लॉक है और नए ग्राहक इंतजार कर रहे हैं, तो उन्होंने विनम्रता से उनसे सीट खाली करने का अनुरोध किया। इसके बाद विराट, अनुष्का, जेमिमा और स्मृति को कैफे से बाहर जाना पड़ा।

रेस्टोरेंट की प्राइवेट पॉलिसी क्यों होती है जरूरी?

कई बार लोग सोचते हैं कि जब वे किसी कैफे या रेस्टोरेंट में बैठे हैं तो यह उनका हक है कि वे जितनी देर चाहें वहां रहें। लेकिन हकीकत यह है कि रेस्टोरेंट की सीट और टेबल पब्लिक प्रॉपर्टी नहीं होती, बल्कि बिजनेस स्पेस होती है। यहां सीटिंग का सीधा संबंध कारोबार से होता है।

- अगर ग्राहक सिर्फ बैठते हैं और ऑर्डर नहीं करते, तो कारोबार पर असर पड़ता है।

- अन्य ग्राहक, जिन्हें वाकई खाना-पीना है, उन्हें जगह नहीं मिल पाती।

- इससे रेस्तरां की आय कम होती है और असंतोष भी फैल सकता है।

क्या हमें नियमों का पालन करना चाहिए?

बिल्कुल। जब हम किसी प्राइवेट जगह पर जाते हैं, तो वहां के नियमों का पालन करना हमारी जिम्मेदारी होती है। यह बात सिर्फ रेस्तरां ही नहीं, बल्कि सिनेमा हॉल, जिम, होटल या अन्य पब्लिक प्लेसेज़ पर भी लागू होती है।

अगर आपको लंबे समय तक किसी जगह बैठकर बात करनी है, तो आप रेस्टोरेंट स्टाफ से अनुमति ले सकते हैं या फिर कुछ ऑर्डर जरूर करें। इससे मालिक को भी कोई आपत्ति नहीं होगी और आप आराम से समय बिता पाएंगे।

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