Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
Australian Open 2024: कौन हैं सुमित नागल? टेनिस की दुनिया में जिन्होंने रचा अनोखा इतिहास
Who Is Sumit Nagal : भारत के सुमित नागल ने ऑस्ट्रेलियन ओपन के दूसरे राउंड में जगह बना ली। उन्होंने दुनिया के 27वें नंबर के खिलाड़ी कजाकिस्तान के अलेक्जेंडर बुबलिक को सीधे सेटों में हराया। सुमित नागल ने अपने करियर में पहली बार इस ग्रैंडस्लैम के दूसरे राउंड में एंट्री मारी है।
सुमित नागल ने बुब्लिक को पहले दौर के मुकाबले में 6-4, 6-2, 7-6(7-5) से हराया। यह मुकाबला 2 घंटे 38 मिनट तक चला और भारतीय टेनिस स्टार ने इसी के साथ दूसरे दौर में जगह बना ली। वहीं 1989 के बाद यानी 35 साल में वह किसी सीडेड प्लेयर को ग्रैंड स्लैम इवेंट में हराने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।

इससे पहले 1989 में ऑस्ट्रेलियन ओपन में ही तत्कालीन नंबर 1 मैट्स विलैंडर को रमेश कृष्णन ने हराया था। उनके बाद सुमित अब दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं। आइए जानते हैं कौन हैं सुमित नागल और कैसे वो इस मुकाम तक आए।
सुमित नागल कौन है?
सुमिल नागल की बात करें तो वह भारत के एक प्रोफेशनल टेनिस खिलाड़ी हैं। उनका जन्म हरियाणा के झज्जर में 16 अगस्त 1977 को हुआ था। उनके पिता सुरेश नागर एक स्कूल टीचर हैं। वह बचपन के दिनों में स्कूल से ही टेनिस खेलते आए हैं। 10 साल की उम्र में ही उन्हें महेश भूपति ट्रेनिंग एकेडमी के लिए चयनित किया गया था। उन्होंने यहां ट्रेनिंग के बाद टोरंटो में कोच बॉबी महल के साथ भी ट्रेनिंग ली थी। वह 2015 जूनियर ग्रैंड स्लैम टाइटल जीतने वाले खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने 2015 में विंबल्डन ब्वॉयज टाइटल अपने नाम किया। वह मौजूदा समय में भारत के सर्वश्रेष्ठ पुरुष टेनिस खिलाड़ी हैं। वह 2018 में भारत के डेविस कप स्क्वॉड का भी हिस्सा थे।
रोजर फेडरर को हराकर आए थे सुर्खियों में
इससे पहले यूएस ओपन 2019 में भी नागल सुर्खियां बटोरने में कामयाब रहे थे। भले ही वह मुख्य ड्रॉ के शुरुआती दौर में हार गए, लेकिन अंततः बाहर होने से पहले उन्होंने महान रोजर फेडरर के खिलाफ एक सेट जीता था। इसके बाद के सीज़न में, वह दूसरे दौर में अंतिम चैंपियन डोमिनिक थिएम से हार गए और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वह ऑस्ट्रेलियन ओपन 2024 में कितनी गहराई तक जा सकते हैं जहां उन्होंने दूसरे दौर में जगह पक्की कर ली है।
विराट ने की मदद
एक इंटरव्यू में नागल ने बताया कि कैसे कोहली और उनके फाउंडेशन ने उस समय उनका समर्थन किया जब उनकी जेब में सिर्फ छह डॉलर बचे थे। नागल ने कहा था, ''विराट कोहली का फाउंडेशन 2017 से मेरा समर्थन कर रहा है। मैं पिछले दो वर्षों से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा था और वित्तीय संकट का सामना कर रहा था। अगर विराट कोहली मेरा समर्थन नहीं करते, तो मुझे नहीं पता कि मेरे साथ क्या होता।''
ट्रेनिंग के लिए भी नहीं बचे थे पैसे अब कमाए 98 लाख रुपये
नागल इस रिकॉर्ड को बनाने के बाद से ही चर्चा में आ गए हैं, लेकिन कुछ दिन पहले वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। उनके लिए ट्रेनिंग करना और गुजारा करना भी मुश्किल हो रहा था। एक समय पर उनके पास सिर्फ छह डॉलर रुपये बचे थे। इन पैसों में ऑस्ट्रेलिया में एक बर्गर खाया जा सकता है। क्योंकि, यह बर्गर की कीमत 4-8 डॉलर के बीच है।
सितंबर 2023 में एटीपी टूर में खेलने के लिए एक करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था करने के बाद उनके बैंक खाते में 900 यूरो (करीब 80,000 रुपये) बचे थे। अब ऑस्ट्रेलियन ओपन के दूसरे दौर में जगह बनाने के साथ उन्होंने 1.8 लाख डॉलर (98 लाख रुपये) का इनाम पक्का कर लिया है।



Click it and Unblock the Notifications
