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चंद्र ग्रहण के दौरान पानी पीना सही है या गलत? जानें धार्मिक व वैज्ञानिक नियम
Chandra Grahan Me Pani Pee Sakte Hain Ya Nahi: 7 सितंबर 2025, यानी आज साल का दूसरा और सबसे लंबा चंद्र ग्रहण लग रहा है। ये साल का आखिरी चंद्र ग्रहण है जो 3 घंटे 28 मिनट और 2 सेकेंड तक दिखाई देगा। सूतक काल ग्रहण के 9 घंटे पहले से शुरू हो जाता है। इस दौरान मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं और कोई भी धार्मिक काम नहीं किया जाता है। वहीं ग्रहण के दौरान खाना-पीना भी वर्जित बताया जाता है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि ग्रहण के दौरान पानी पी सकते हैं या नहीं? अगर नहीं तो बीमार व्यक्ति क्या करें?
अगर वो इस दौरान पानी पी लेते हैं तो क्या इससे पाप लगता है? क्या पानी ग्रहण के दौरान जहर के समान हो जाता है? ऐसे ही कई सारे सवाल लोगों के जेहन में रहते हैं। आइए फिर ग्रहण से पहले ही जान लेते हैं कि इस दौरान पानी पी सकते हैं या नहीं इसके पीछे का धार्मिक और वैज्ञानिक कारण।

क्या ग्रहण के दौरान पानी पी सकते हैं या नहीं?
धार्मिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण काल को अशुद्ध माना जाता है। इस दौरान भोजन और पानी ग्रहण नहीं करना चाहिए, क्योंकि माना जाता है कि ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा खाने-पीने की चीजों पर असर डालती है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में सूक्ष्म जीवाणुओं की वृद्धि होती है और यही कारण है कि पानी व भोजन ढक कर रखने और ग्रहण के दौरान न खाने-पीने की परंपरा है। गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से इस नियम का पालन करने की सलाह दी जाती है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
विज्ञान के अनुसार, चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है जिसका पृथ्वी के भोजन या पानी पर सीधा असर नहीं होता। ग्रहण के समय पानी या भोजन विषैला या हानिकारक नहीं हो जाता। भोजन व पानी न ग्रहण करने की परंपरा को वैज्ञानिक केवल साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा की पुरानी प्रथाओं से जोड़ते हैं। आधुनिक वैज्ञानिक मानते हैं कि ग्रहण के दौरान पानी पीना या न पीना पूरी तरह व्यक्ति की आस्था और मान्यता पर निर्भर करता है।
ये लोग पी सकते हैं पानी?
हालांकि कुछ लोग ग्रहण के दौरान पानी पी सकते हैं जैसे कि बीमार लोग, बुजुर्ग लोग छोटे बच्चे। वहीं गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान खासतौर पर खाना पीना न खाने की सलाह दी जाती है। मगर तबीयत खराब महसूस होने पर वो पानी पी सकती हैं लेकिन उसमें तुलसी का पत्ता अवश्य डाल लें। उन्हें इस दौरान पानी पीने और फल खाने की छूट होती है।



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