Latest Updates
-
Quick 15 Minute Shrimp Masala Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा स्वाद -
कौन हैं क्रिकेटर आकाश दीप की पत्नी अक्षिता राज? खूबसूरती में नहीं हीरोइन से कम, शादी की पहली तस्वीर आई सामने -
5 Minute Street Style Bread Pakoda Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसा कुरकुरा नाश्ता -
World Vitiligo Day 2026: विटिलिगो (सफेद दाग) में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? जानिए एक्सपर्ट से -
Simple Homestyle Chicken Curry Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा स्वाद -
Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी के दिन बाल-नाखून कटवा सकते हैं या नहीं? दूर करें कंफ्यूजन -
Nirjala Ekadashi Rules for Couples: क्या निर्जला एकादशी पर पति-पत्नी बना सकते हैं शारीरिक संबंध? -
Nirjala Ekadashi 2026 Wishes In Sanskrit: निर्जला एकादशी पर इन संस्कृत श्लोकों और संदेशों से दें अपनों को बधाई -
Summer Special Thick Mango Lassi Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी क्रीमी और गाढ़ी लस्सी -
Aaj Ka Rashifal 25 June 2026: गुरुवार को इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ के साथ मिलेगा बड़ा सरप्राइज
Elvish Yadav Case: एल्विश यादव पर पुलिस ने लगाई गलत धारा, जानें NDPS एक्ट के सेक्शन 20 और 22 में अंतर?
Elvish Yadav Case : रेव पार्टी में सांपों के जहर की सप्लाई करने के मामले में जेल में बंद एल्विश यादव के मामले में दिलचस्प मोड़ आ गया है। नोएडा पुलिस ने अब यूट्यूबर पर से धारा 22 की जगह गलती से 20 लगा दी थी। जिसके बाद नोएडा पुलिस ने कोर्ट को बताया कि लिपिकीय गलती की वजह से एल्विश पर NDPS एक्ट का गलत सेक्शन लगा दिया गया था। अब इसे कागजों में ठीक करने की अनुमति दी जाएं। एल्विश यादव पर NDPS एक्ट के तहत सेक्शन 22 लगाया जाना था।
इस बात को डिटेल में समझते हैं कि यूट्यूबर पर पुलिस ने अब NDPS एक्ट की धारा 22 जोड़ी है वो क्या है और एल्विश पर लगा सेक्शन 20 जो हटाने जा रही है, वो क्या है और दोनों धाराओं में क्या अंतर हैं और उनमें कितनी सजा होती है, जानते हैं सब कुछ-

एल्विश पर गलती से लगा सेक्शन 20 क्या है?
पुलिस ने एल्विश यादव के केस में NDPS एक्ट का सेक्शन 20 लगा दिया था जो भांग से जुड़ा हुआ है। इसमें मारिजुआना या भांग के साथ पकड़े जाने वाल अलग- क्वांटिटी के आधार पर सजा का प्रावधान हैं। इस धारा के तहत अलग-अलग क्वांटिंटी और मकसद के साथ मारिजुआना या भांग का इस्तेमाल करने पर 2 से 20 साल की सजा का प्रावधान हैं और 10 हजार से लेकर 2 लाख रुपए तक का जुर्माना लग सकता है।
एल्विश पर लगने वाला NDPS एक्ट का सेक्शन 22 क्या है?
NDPS एक्ट सेक्शन 22 साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (Psychotropic Substances) को रखने, बेचने, उत्पादन और तस्करी से जुड़ा हुआ है। साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस की केटेगरी में ऐसे ड्रग्स शामिल होते है। जो सीधा दिमाग पर असर डालते हैं। इनमें ज्यादात्तर ड्रग्स का इस्तेमाल मानसिक विकारों के लिए दवा के रुप में होता है। इन दवाओं का नशा के रुप इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है।
सेक्शन 22 के मुताबिक जो भी इसके नियम या आदेश का उल्लघंन करता है या फिर इसके तहत दिए गए लाइसेंस की शर्तों का गैरकानूनी तरीको से इस्तेमाल करता है तो ऐसा करने पर सजा का प्रावधान हैं। इसमें नशीले पदार्थ की मात्रा और उद्देश्य को ध्यान में रखकर सजा दी जाती है।
ये हैं सजा
सेक्शन 22 (a) के तहत किसी किसी के पास साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस यानी PS कम मात्रा में पाया जाता है तो उसे 1 साल तक की जेल या दस हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। जब्त हुए नशे के पदार्थ को देखते हुए दोषी को ये दोनों सजा भी मिल सकती हैं।
सेक्शन 22 (b) में के तहत अगर किसी के पास साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस कम मात्रा और कमर्शियल क्वांटिटी के बीच की मात्रा के बीच मिलती हैं तो उसे अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है। 1 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लग सकता है।
- सेक्शन 22 (c) में अगर कोई साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस को कमर्शियल क्वांटिटी में बेचने या सप्लाई करने के उद्देश्य से रखता है तो अपराधी को 10 से 20 साल तक की जेल और एक से दो लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जाता है।



Click it and Unblock the Notifications