Latest Updates
-
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: सपनों को पूरा करने का हौसला देते हैं डॉ. कलाम के ये 10 प्रेरणादायक विचार
राजस्थान में रेड और 13 जिलों में यलो अलर्ट, मौसम विभाग के इन अलग-अलग रंगों के अलर्ट का क्या होता है मतलब?
Weather Alerts Issued By IMD Meaning : देश में भीषण गर्मी का कहर जारी है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। ऐसे में भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान के 6 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 13 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं कुछ हिस्सों में रेड अलर्ट भी जारी किया गया है। लेकिन अक्सर लोग इन रंगों वाले अलर्ट का मतलब नहीं समझ पाते। आइए जानते हैं कि इनका क्या महत्व होता है।

क्या होता है यलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट का मतलब?
यलो अलर्ट
यह मौसम की चेतावनी का पहला स्तर होता है। जब मौसम विभाग यलो अलर्ट जारी करता है, तो इसका मतलब है कि मौसम बिगड़ सकता है। इस समय तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। इसमें तत्काल खतरा नहीं होता, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी होता है। जैसे - पानी पीते रहें, ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें।
ऑरेंज अलर्ट
यह अलर्ट यलो से ज्यादा गंभीर होता है। जब तापमान 43 से 45 डिग्री के बीच जाने की संभावना होती है, तब यह अलर्ट जारी किया जाता है। इस स्तर पर लू चलने की आशंका होती है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए।
रेड अलर्ट
यह सबसे गंभीर अलर्ट होता है। इसका मतलब है कि हालात बेहद खराब हो सकते हैं और जान का खतरा भी हो सकता है। यह तब जारी होता है जब तापमान 45 डिग्री से ऊपर जाने की संभावना होती है या हीटवेव बहुत तीव्र होती है। इस दौरान घर से बाहर न निकलें, विशेषकर दोपहर के समय।
इन बातों का रखें ध्यान
- धूप में बाहर न जाएं, खासकर दोपहर 12 से 3 बजे के बीच।
- हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें।
- सिर को ढककर रखें - टोपी, स्कार्फ या छाते का उपयोग करें।
- खूब पानी पीएं और ओआरएस, नींबू पानी, लस्सी, छाछ जैसी चीजें पिएं।
- थकान, चक्कर या सुस्ती लगे तो डॉक्टर से संपर्क करें।
- गर्मी से बचाव ही इस मौसम में सेहत बनाए रखने का सबसे बेहतर उपाय है।



Click it and Unblock the Notifications