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Good Friday 2026: क्या थे सूली पर चढ़ते मसीह के वो आखिरी 7 शब्द, जिनमें छिपा है जीवन का सार
7 Last Words Of Jesus On Good Frieay 2026: 3 अप्रैल 2026, दिन शुक्रवार को गुड फ्राइडे मनाया जाने वाला है। ये दिन ईसाई धर्म के प्रभु यीशू मसीह के बलिदान और क्रूस पर लटका कर उनकी दर्दनाक मृत्यु के दर्द को याद करने के लिए मनाया जाता है। इसके दो दिन बाद यानी संडे को ईस्टर मनाया जाता है। गुड फ्राईडे इतिहास की वह काली दोपहर थी जब यरूशलेम की पहाड़ियों पर सूरज फीका पड़ गया था और आसमान से सन्नाटा बरस रहा था। एक बेगुनाह को कीलों से ठोककर लकड़ी के क्रूस पर लटका दिया गया था। शरीर से लहू बह रहा था और चारों ओर उपहास उड़ाती भीड़ थी।
लेकिन उस असहनीय पीड़ा के बीच से जो शब्द निकले, उन्होंने नफरत की जड़ों को हिला दिया। हम इसे 'गुड फ्राइडे' कहते हैं एक ऐसा दिन जो मानवीय नजरों में मातम का है, लेकिन रूहानी तौर देखा जाए तो ये एक महान दिन है। क्योंकि इसी दिन प्रेम ने नफरत पर जीत हासिल की थी। ईसाई धर्म के लोगों को तो पता ही होगा कि ईसा मसीह के सूली पर चढ़ते वक्त आखिरी 7 शब्द किया था, लेकिन जिन्हें नहीं पता उन्हें ये जानना बहुत जरूरी है क्योंकि इसी में जीवन का एक बड़ा सबक भी छिपा हुआ है। आइए जान लेते हैं कि शोक के दिन को गुड क्यों कहा जाता है और क्या थे प्रभु ईशू के आखिरी शब्द जिनमें छिपा है जीवन का सार।

क्यों कड़वे शोक के दिन को 'शुभ' कहता है इतिहास?
ईसाई मान्यताओं के अनुसार, ईसा मसीह ने खुद को सूली पर इसलिए चढ़ाया ताकि वे पूरी दुनिया के पापों का प्रायश्चित कर सकें। उन्होंने मृत्यु को गले लगाकर मानवता को नया जीवन दिया। यह दिन 'गुड' इसलिए है क्योंकि यह बलिदान, मुक्ति और प्रेम की पराकाष्ठा को दर्शाता है। यह बुराई पर अच्छाई की आध्यात्मिक जीत का प्रतीक है।
ईसा मसीह के 7 शब्द, जिनमें छिपा है नफरत को खत्म करने का मंत्र
सूली पर अपनी अंतिम सांसें गिनते हुए ईसा मसीह ने जो 7 बातें कहीं, वे आज भी मानवता के लिए सबसे बड़ी सीख हैं:
1. क्षमा का सर्वोच्च उदाहरण: "हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।"
2. उम्मीद की किरण: "मैं तुझसे सच कहता हूं, आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा।"
3. रिश्तों की मर्यादा: अपनी मां मरियम और प्रिय शिष्य की ओर इशारा करते हुए-"हे नारी, देख यह तेरा पुत्र है... देख यह तेरी माता है।"
4. मानवीय पीड़ा: "हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तूने मुझे क्यों छोड़ दिया?"
5. मानवता की प्यास: "मैं प्यासा हूं।" (यह प्यास पानी के लिए नहीं, बल्कि दुनिया में शांति और प्रेम के लिए थी)
6. मिशन की पूर्णता: "सब पूरा हुआ।"
7. परम समर्पण: "हे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूं।"
गुड फ्राइडे का सबक
आज 2026 में, जब दुनिया युद्ध (ईरान-इजरायल) और प्राकृतिक आपदाओं (इंडोनेशिया भूकंप) के बीच डरी हुई है, गुड फ्राइडे हमें याद दिलाता है कि 'क्षमा' (Forgiveness) ही वह एकमात्र रास्ता है जो विनाश को रोक सकता है। ईसा मसीह का बलिदान हमें सिखाता है कि नफरत का जवाब नफरत नहीं, बल्कि बेपनाह मोहब्बत है।



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