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Hindi Diwas Quotes: हिंदी को लेकर इन महान लोगों के विचार जरूर जानें
Hindi Diwas Quotes: हर वर्ष 14 सितम्बर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। इस दिन हिंदी भाषा के विकास और प्रचार प्रसार से संबंधित कार्यक्रम किए जाते हैं। भारत के संविधान में 1948 में 14 सितम्बर को हिंदी भाषा को देश की आधिकारिक और राजभाषा का दर्जा दिया गया।
देश की विविध क्षेत्रीय भाषाओं के कारण हिंदी को राष्ट्रभाषा नहीं घोषित किया गया। हिंदी भाषा और उसके साहित्य को देश दुनिया में सराहा जाता है। हिंदी भाषा ने भारत की आज़ादी के संघर्ष में भी देश को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जानते हैं कुछ प्रसिद्ध लोगों और साहित्यकारों द्वारा हिंदी भाषा के बारे कहे गए वक्तव्य -

हिन्दी उन सभी गुणों से अलंकृत है, जिनके बल पर वह विश्व की साहित्यिक भाषा की अगली श्रेणी में समासीन हो सकती है। - मैथिलीशरण गुप्त
राष्ट्रभाषा के बिना एक राष्ट्र गूँगा है। - महात्मा गाँधी
हिंदी हमारे राष्ट्र की अभिव्यक्ति का सरलतम स्रोत है। - सुमित्रानंदन पंत
हिन्दी हमारे देश और भाषा की प्रभावशाली विरासत है। - माखनलाल चतुर्वेदी
हिन्दी एक जानदार भाषा है, वह जितनी बढ़ेगी देश को उतना ही लाभ होगा। - जवाहरलाल नेहरू
प्रान्तीय ईर्ष्या-द्वेष को दूर करने में जितनी सहायता इस हिन्दी प्रचार से मिलेगी, उतनी दूसरी किसी चीज़ से नहीं मिल सकती - सुभाषचंद्र बोस
निज भाषा उन्नति अहै, सब भाषा को मूल, बिनु निज भाषा ज्ञान के, मिटै न हिय को शूल।- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
जिस देश को अपनी भाषा और साहित्य के गौरव का अनुभव नहीं है, वह उन्नत नहीं हो सकता। - डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
हिन्दी के द्वारा सारे भारत को एक सूत्र में पिरोया जा सकता है। - महर्षि स्वामी दयानन्द
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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