Independence Day 2023: जानें इस साल किस थीम के साथ मनाया जाएगा स्वतंत्रता दिवस

Independence Day 2023: 15 अगस्त हर भारतीय के लिए एक विशेष दिन होता है। पूरा देश हर साल स्वतंत्रता सेनानियों और देश की आजादी के लिए लड़ने वाले राजनेताओं को श्रद्धांजलि देने के लिए हर साल स्वतंत्रता दिवस मनाता है। इस दिन, आप जहां भी देखें, भारतीय तिरंगे पर आधारित सजावट दिखती है। सरकारी इमारतें तिरंगे की रौशनी में नहायी नजर आती है।

भारत के प्रधानमंत्री इस दिन भारतीय ध्वज फहराते हैं और पुरानी दिल्ली के लाल किले में भाषण देते हैं, वहीं भारत के राष्ट्रपति इस दिन 'राष्ट्र के नाम संबोधन' देते हैं।

Independence Day 2023: Is It 76th Or 77th Independence Day? Know History, Theme, Significance

राज्यों की राजधानियों में भी ध्वजारोहण समारोह के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और इसमें स्कूल और अन्य संगठन भाग लेते हैं। इस दिन को बढ़ावा देने और नागरिकों में देशभक्ति जगाने के लिए प्रिंट, रेडियो और ऑनलाइन मीडिया द्वारा कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और बहस जैसे विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों और आजादी के बारे में फिल्में भी टीवी पर दिखाई जाती हैं।

साल 2023 का स्वतंत्रता दिवस 76वां या 77वां?

यदि आप इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि यह 76वां या 77वां स्वतंत्रता दिवस है, तो आगे यह पोस्ट पढ़ें।
190 साल की लंबी लड़ाई के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत को दमनकारी औपनिवेशिक शासन से आजादी मिली। इसलिए, तर्क के अनुसार, इस वर्ष, 2023 में स्वतंत्रता दिवस की 76वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी। लेकिन अगर हम आजादी के साल की गिनती 15 अगस्त 1947 से करें तो वह साल भारत की आजादी का पहला साल बनता है। यही कारण है कि 2023 को इस देश की स्वंत्रता दिवस की 76वीं वर्षगाँठ है और वहीं देश की आज़ादी को 77 साल हो गए हैं।

स्वतंत्रता दिवस 2023 की थीम

इस वर्ष, स्वतंत्रता दिवस 2023 की थीम "राष्ट्र पहले, हमेशा पहले" (India First, Always First) होगी और कार्यक्रम "आज़ादी का अमृत मोहत्सव" से संबंधित कार्यक्रमों की सीमाओं के भीतर आयोजित किए जाएंगे। इस पहल के तहत सरकार द्वारा इस देश की विभिन्न संस्कृतियों और विविधता का जश्न मनाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

स्वतंत्रता दिवस का इतिहास

भारत में ब्रिटिश शासन की शुरुआत 1757 में हुई जब बंगाल के अंतिम नवाब को प्लासी की लड़ाई में अंग्रेजों ने हरा दिया। फिर अंग्रेज़ी शासन के जवाब में 1857 में भारतीय विद्रोह या प्रथम स्वतंत्रता संग्राम हुआ जो असफल रहा पर इस संग्राम ने भारत के स्वतंत्रता संघर्ष की अग्नि को शुरू किया।

भारत की पहली राजनीतिक पार्टी (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस) का गठन 1885 में हुआ था और 1918 में प्रथम विश्व युद्ध समाप्त होने के बाद, भारतीय कार्यकर्ताओं ने स्व-शासन या स्वराज की मांग पुरजोर की थी।

फिर, 1929 में भारतीय संसद द्वारा लाहौर में एक बैठक में 'पूर्ण स्वराज' या 'पूर्ण स्वतंत्रता' की घोषणा की गई। अंततः, ब्रिटिश सरकार और भारतीय संसद के बीच कई सत्रों और बैठकों के बाद, लॉर्ड माउंटबेटन ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।

15 अगस्त 1947 को, लॉर्ड माउंटबेटन ने ब्रिटिश भारत को दो नए स्वतंत्र राज्यों - भारत और पाकिस्तान में विभाजित कर दिया, जो 1947 में भारत का पहला स्वतंत्रता दिवस था।

स्वतंत्रता दिवस 2023: उत्सव

आप भी इस ख़ास दिन अपने घर या कार्यालय में ट्राई कलर (नारंगी, सफेद और हरा) थीम से सजाकर और इन रंगों से प्रेरित भोजन बनाकर और ख़ास बना सकते हैं। आप इस दिन फिल्में भी देख सकते हैं, भारतीय स्वतंत्रता से संबंधित गाने चला सकते हैं और स्वतंत्रता सेनानियों के उद्धरण साझा कर सकते हैं। इस दिन अपने देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक होना चाहिए और एक बेहतर नागरिक बनने का प्रण लेना चाहिए।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

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