International youth day: स्वामी विवेकानंद ने जीवन में सफल होने के लिए दिए हैं ये 10 सक्‍सेस मंत्र, आप भी पढ़िए

International Youth Day 2023: अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस प्रतिवर्ष 12 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन दुनियाभर में युवाओं के योगदान की महत्वपूर्णता को के रुप में मनाया जाता है। युवा दिवस मनाने का एक और कारण है। इसी दिन रामकृष्ण मिशन के स्‍थापक और आध्‍यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी, 1863 को कोलकाता में हुआ था।

अब तक भारत से लेकर वर्तमान समय तक यदि किसी शख्सियत ने भारतीय युवाओं को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है तो वो हैं स्वामी विवेकानंद। उनका ऐसा व्यक्तितत्व था, जो हर युवा के लिए एक आदर्श है, जिनके विचारों का आज भी भावी पीढ़ी अनुसरण करती हैं।

स्वामी विवेकानंद ने जीवन को सुखी और सफल बनाने के लिए कई मूलमंत्र दिए हैं। विश्‍व युवा द‍िवस यानी International Youth Day के मौके पर जानते हैं स्‍वामी जी के युवाओं के ल‍िए दिए गए सफलता के 10 खास मूल मंत्र, जिन्‍हें फॉलोकर आपको जीवन में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है।

10 Best Quotes Of Swami Vivekanand For Success

जानिए स्वामीजी के 10 खास मूलमंत्र, जिन्हें अपनाने से आप भी हर कदम कामयाबी हासिल कर सकते हैं...

1. जब तक आप अपने काम में व्यस्त हैं, तब तक काम आसान होता है, लेकिन आलसी होने पर कोई भी काम आसान नहीं लगता।

2. पढ़ने के लिए जरूरी है एकाग्रता, एकाग्रता के लिए जरूरी है ध्यान। ध्यान से ही हम इन्द्रियों पर संयम रखकर एकाग्रता प्राप्त कर सकते हैं।

3. जब तक जीना, तब तक सीखना, अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है।

4. हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि आप क्या सोचते हैं।

5. जो तुम सोचते हो, वो बन जाओगे। यदि तुम खुद को कमजोर सोचते हो, तुम कमजोर हो जाओगे, अगर खुद को ताकतवर सोचते हो, तुम ताकतवर हो जाओगे।

6. एक विचार लो। उस विचार को अपना जीवन बना लो, उसके बारे में सोचो उसके सपने देखो, उस विचार को जियो। अपने मस्तिष्क, मांसपेशियों, नसों, शरीर के हर हिस्से को उस विचार में डूब जाने दो और बाकी सभी विचार को किनारे रख दो। यही सफल होने का तरीका है।

7. जिस समय जिस काम के लिए प्रतिज्ञा करो, ठीक उसी समय पर उसे करना ही चाहिए, नहीं तो लोगों का विश्वास उठ जाता है।

8. एक समय में एक काम करो और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उस काम में डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ.

9. ब्रह्मांड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं। वो हम ही हैं जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है।

10. उठो और जागो और तब तक रुको नहीं, जब तक कि तुम अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते।

स्वामी विवेकानंद से जुड़ी जानकार‍ियां

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। उनके बचपन का नाम नरेंद्रनाथ था।
- उन्होंने अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस के नाम पर रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी।
- 1863 में अमेरिका के शिकागो धर्म सभा में विवेकानंद ने भारत की हिंदुत्व संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया था। जिसके बाद विश्‍वभर में उनके नाम परचम लहराने लगा।

- हजारों पन्नों की किताबें घंटो में कर लेते थे याद।
- स्वामी विवेकानंद आजीवन एक संन्यासी के रूप में रहे और देश-समाज की भलाई के लिए काम करते रहे।
- स्वामी जी अपनी तेज बुद्धि एवं स्मरण शक्ति के लिए जाने जाते हैं। वे हजारों पन्नों की किताबें कुछ ही घंटो में याद कर लिया करते थे।
- 4 जुलाई 1902 करे विवेकानंद का निधन हुआ था।

Story first published: Saturday, August 12, 2023, 9:49 [IST]
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