जगजीत सिंह की इन रोमांटिक गजलों को गुनगुनाकर पार्टनर से बयां करे हाल-ए-दिल, 'हां' में ही म‍िलेगा जवाब

Jagjit Singh Birth Anniversary : गजल सम्राट जगजीत सिंह की आज 83वीं बर्थ एनिवर्सरी है। कॉलेज में छोटी-मोटी महफिलें लगाकर लोगों की फरमाइश पर गाने सुनाने वाले जगजीत सिंह ने अपने हुनर और मखमली आवाज से गजलों को हिंदी सिनेमा में पहचान दिलाई। उनके गजलों में दिल टूटने से लेकर जोड़ने तक की नगमें आपको सुनने को म‍िल जाएंगी। उनकी आवाज में ऐसा जादू था जो भी कोई सुनता था तो उनकी आवाज में खो जाता था।

अगर आप भी इस वेलेंटाइन डे पर अपने क‍िसी खास के सामने जाकर इजहार ए इश्‍क करने का सोच रहे हैं। तो आज जगजीत सिंह की बर्थ एनिवर्सरी पर हम आपको उनके कुछ मशहूर रोमांटिक गजल की ल‍िस्‍ट शेयर कर र‍हे है, ज‍िन्‍हें रोमांटिक तरीके से सुनाकर आप अपने प्‍यार का इजहार कर सकते हैं।

Jagjit Singh Birth Anniversary:

1. झुकी झुकी सी नज़र बे-क़रार है कि नहीं

झुकी झुकी सी नज़र बे-क़रार है कि नहीं
दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं

तू अपने दिल की जवां धड़कनों को गिन के बता
मिरी तरह तिरा दिल बे-क़रार है कि नहीं

वो पल कि जिस में मोहब्बत जवान होती है
उस एक पल का तुझे इंतिज़ार है कि नहीं

तिरी उमीद पे ठुकरा रहा हूं दुनिया को
तुझे भी अपने पे ये ए'तिबार है कि नहीं

2. तेरे आने की जब ख़बर महके

तेरे आने की जब ख़बर महके
तेरे ख़ुशबू से सारा घर महके

शाम महके तेरे तसव्वुर से
शाम के बाद फिर सहर महके

रात भर सोचता रहा तुझको
ज़हन-ओ-दिल मेरे रात भर महके

याद आए तो दिल मुनव्वर हो
दीद हो जाए तो नज़र महके

वो घड़ी दो घड़ी जहाँ बैठे
वो ज़मीं महके वो शजर महके

4 Happy Propose Day my love

3. होश वालों को ख़बर क्या

होश वालों को ख़बर क्या बेख़ुदी क्या चीज़ है
इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िन्दगी क्या चीज़ है

उन से नज़रें क्या मिली रोशन फ़िज़ाएँ हो गईं
आज जाना प्यार की जादूगरी क्या चीज़ है

खुलती ज़ुल्फ़ों ने सिखाई मौसमों को शायरी
झुकती आँखों ने बताया मयकशी क्या चीज़ है

हम लबों से कह न पाये उन से हाल-ए-दिल कभी
और वो समझे नहीं ये ख़ामोशी क्या चीज़ है

4. तुम को देखा तो ये ख़याल आया

ज़िंदगी धूप तुम घना साया
तुम को देखा तो ये ख़याल आया

आज फिर दिलने एक तमन्ना की -
आज फिर दिलको हमने समझाया
ज़िंदगी धूप तुम घना साया...

तुम चले जाओगे तो सोचेंगे -
हमने क्या खोया, हमने क्या पाया
ज़िंदगी धूप तुम घना साया...

Jagjit Singh Birth Anniversary

5. जब सामने तुम आ जाते हो

आइना देख के बोले ये सँवरने वाले
अब तो बे-मौत मरेंगे मेरे मरने वाले

देख के तुमको होश में आना भूल गये
याद रहे तुम और ज़माना भूल गये
जब सामने तुम आ जाते हो
क्या जानिए क्या हो जाता है
कुछ मिल जाता है, कुछ खो जाता है
क्या जानिए क्या हो जाता है

चाहा था ये कहेंगे, सोचा था वो कहेंगे
आए वो सामने तो, कुछ भी ना कह सके
बस देखा किये उन्हें हम

देखकर तुमको यकीं होता है
कोई इतना भी हसीं होता है
देख पाते हैं कहाँ हम तुमको
दिल कहीं होश कहीं होता है
जब सामने तुम...

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