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क्या होता है Megaquake? 7.1 तीव्रता वाले भूकंप के बाद जापान ने जारी किया अलर्ट
What is a megaquake : जापान दुनिया के उन देशों में से हैं जहां सबसे ज्यादा भूकंप आते हैं। हाल ही में दक्षिणी जापान के मियाजाकी प्रान्त में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप 50 सेंटीमीटर तक ऊंची सुनामी की छोटी लहरें बनने लगीं, जो लगभग आधे घंटे बाद जापान के तट तक पहुंच गईं।
इस घटना के बाद जापान मेटियोरोलिजकल एजेंसी (JMA) ने पहली बार 'Megaquake अलर्ट' यानी महाभूकंप को लेकर अलर्ट जारी की है। आइए जानते हैं डिटेल में इस एडवायजरी में क्या कहा गया हैं और इसका मतलब क्या होता हैं?

क्या थी भूकंप की वजह?
इस एडवाइजरी में कहा गया है कि समंदर के नीचे नानकाई घाटी में भारी भूकंप आ सकता है और जिसकी वजह से दक्षिण-पश्चिम इलाके प्रभावित हो सकते हैं। ये भूकंप विनाशकारी हो सकता है। नानकाई घाटी समंदर के अंदर 900 किलोमीटर लंबा एक सबडक्शन जोन है, जहां यूरेशियन प्लेट फिलीपीन सागर प्लेट से टकराती है। इससे टेक्टोनिक स्ट्रेस होता है, जो महाभूकंप का कारण बनता है। इससे 8 या उससे अधिक तीव्रता वाला भयानक भूकंप आता है।
साल 2023 में नेचर जर्नल में एक स्टडी छपी थी जिसमें बताया गया था कि इस टकराव से हर 100 से 150 साल में एक बार बड़ा भूकंप आया है। इस स्थिति को देखते हुए एजेंसी ने दक्षिणी जापान के निवासियों को सलाह दी है कि वे एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी सतर्क और तैयार रहें।
मेगाक्वेक अलर्ट क्या है?
रिक्टर पैमाने पर 8 से ज्यादा तीव्रता वाले भूकंपों को मेगाक्वेक के रूप में दर्शाया गया है। इतनी तीव्रता का भूकंप बेहद विनाशकारी हो सकता है। ये भूकंप हर सौ साल में एक बार आता है, जिसके लिए जापान में 'मेगाक्वेक अलर्ट' जारी किया गया है।
हो सकता है इतना नुकसान
साल 2013 की एक सरकारी रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि नानकाई घाटी में आया बड़ा भूकंप जापान के एक तिहाई हिस्से को प्रभावित कर सकता है। इस हिस्से में जापान की करीब आधी आबादी यानी 120 मिलियन से अधिक लोग रहते हैं। इस भूकंप की वजह से 1.5 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है।



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