Latest Updates
-
Quick Filling Dinner Anda Paratha Recipe: घर पर बनाएं ढाबे जैसा स्वादिष्ट अंडा पराठा -
मानसून से पहले दिल्ली में डेंगू के 162 और मलेरिया के 42 मामले, कहीं आप भी न हो जाएं शिकार; जानें बचाव के उपाय -
Dhaba Style Marinade Chicken Tikka Recipe: घर पर पाएं रेस्टोरेंट जैसा स्मोकी स्वाद -
प्रेग्नेंट हैं 39 साल की सामंथा रुथ प्रभु! करीबी शख्स ने किया कन्फर्म, जानें कब होगी डिलीवरी -
मलाइका अरोड़ा की फिटनेस का खुल गया राज, 52 की उम्र में यंग दिखने के लिए करती हैं ये 5 योगासन -
South Indian Style Tomato Rice Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा स्वाद -
Summer Solstice: 21 जून को क्यों होता है साल का सबसे बड़ा दिन? जानें क्या है इसके पीछे की असली वजह -
International Yoga Day 2026 Wishes: योग करे जो रोज...योग दिवस पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामनाएं -
Father's Day 2026 Shayari: उंगली पकड़कर चलना सिखाया...फादर्स डे पर पापा को भेजें ये दिल छू लेने वाली शायरियां -
Zero Oil Sprouts Cheela Recipe: वजन घटाने के लिए बनाएं हेल्दी और टेस्टी नाश्ता
Lakshmi Panchami Sanskrit Wishes: लक्ष्मी पंचमी पर इन संस्कृत श्लोकों और संदेशों से अपनों को दें शुभकामनाएं
Lakshmi Panchami 2026 Sanskrit Wishes: हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को लक्ष्मी पंचमी मनाई जाती है। यह दिन धन और वैभव की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित होता है। जिस तरह बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा की जाती है, लक्ष्मी पंचमी पर माता लक्ष्मी की पूजा-पाठ करने का विधान है। लक्ष्मी पंचमी को श्री पंचमी या श्री व्रत भी कहा जाता है। यह नवरात्र के पांचवी तिथि भी होती है। इस दिन लोग पूरे विधि-विधान से माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पूजन और व्रत करने से माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है, जिससे घर में धन धान्य में वृद्धि होती है। इस शुभ अवसर पर आप अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और प्रियजनों को संस्कृत में लक्ष्मी पंचमी की शुभकामनाएं भेज सकते है।

लक्ष्मी पंचमी की शुभकामनाएं संस्कृत में (Lakshmi Panchami Wishes in Sanskrit )
1. लक्ष्मीः करोतु ते नित्यं, धन-धान्य-समृद्धिम्।
सुख-शान्ति-विवृद्धिं च, भवतु जीवनं शुभम्॥
2. शुभे लक्ष्मीपञ्चमी तिथौ, आगच्छतु श्रीः गृहे।
वर्धतां सौख्य-सम्पत्तिः, सदा भवतु मंगलम्॥
3. या देवी सर्वभूतेषु, लक्ष्मी-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः॥
4. लक्ष्मी-कृपया सदा, भवतु जीवनं पूर्णम्।
धन-धान्य-वृद्धिः स्यात्, दुःखं यातु दूरतमम्॥
5. शुभे दिने लक्ष्मीदेवी, वसतु ते गृहान्तरे।
सर्वसौभाग्य-सम्पन्नं, कुर्यात् जीवनं सदा॥
6. लक्ष्मी-पञ्चमी शुभे दिने, भवतु ते धन-वृद्धिः।
आयुष्मान् भव, सौख्ययुक्तः, सर्वदा हर्षपूर्णः॥
7. आगच्छतु महालक्ष्मीः, करोतु ते कल्याणम्।
सर्वदुःख-विनाशाय, ददातु सुख-सम्पदम्॥
8. सर्वमंगल-मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ-साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके देवी, नारायणि नमोऽस्तुते॥
9. लक्ष्मी-पञ्चमी पर्वे, वर्धन्तां ते धन-राशयः।
सुख-शान्ति-समृद्धिः च, सदा भवतु ते गृहे॥
10. महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि।
हरिप्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दयानिधे॥

लक्ष्मी पंचमी पर संस्कृत श्लोक/मंत्र (Lakshmi Panchami Sanskrit Shlok/Mantra)
11. नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते।
शंख-चक्र-गदा-हस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥
12. या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मी-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
13. महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि।
हरिप्रिये नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं दयानिधे॥
14. सर्वमंगल-मांगल्ये शिवे सर्वार्थ-साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके देवी नारायणि नमोऽस्तुते॥
15. कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद महालक्ष्मि।
नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते॥
16. श्रीः पद्मालयां देवीं वन्दे विश्व-वन्दिताम्।
प्रसीद मे महालक्ष्मि सर्वाभीष्ट-फलप्रदे॥
17. आगच्छतु महालक्ष्मीः करोतु मे कल्याणम्।
सर्वदुःख-विनाशाय ददातु सुख-सम्पदम्॥
18. लक्ष्मीः करोतु मे नित्यं धन-धान्य-समृद्धिम्।
सुख-शान्ति-विवृद्धिं च भवतु जीवनं शुभम्॥
19. प्रसीद प्रसीद महालक्ष्मि करुणां कुरु मे सदा।
दारिद्र्य-दुःख-नाशाय सुखं देहि नमोऽस्तुते॥
20. ॐ पृथ्वी त्वया घृता लोका देवि त्वं विष्णुना घृता।
त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु चासनम्॥



Click it and Unblock the Notifications