Bakrid 2026 Moon Sighting: 18 या 19 मई, भारत में कब दिखेगा बकरीद का चांद? जानें बड़ी ईद की तारीख

Bakrid 2026 Moon Sighting Date: इस्लाम धर्म में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व बेहद खास माना जाता है। यह त्योहार हजरत इब्राहिम की कुर्बानी और अल्लाह के प्रति समर्पण की याद में मनाया जाता है। दुनियाभर के मुस्लिम समुदाय को अब बकरीद 2026 के चांद का इंतजार है, क्योंकि इसी हिलाल के दिखाई देने के साथ जुल हिज्जा महीने की शुरुआत होगी और ईद-उल-अजहा की तारीख तय की जाएगी। इस साल भारत में बकरीद का चांद 18 या 19 मई 2026 को दिखाई देने की संभावना जताई जा रही है। चांद दिखने के बाद ही आधिकारिक तौर पर बड़ी ईद की तारीख का ऐलान किया जाएगा। आमतौर पर सऊदी अरब में चांद पहले नजर आता है, जबकि भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में एक दिन बाद हिलाल दिखाई देता है। ऐसे में आइए जानते हैं भारत में कब दिख सकता है बकरीद का चांद, कब से शुरू होगा जुल हिज्जा महीना और किस दिन मनाई जा सकती है ईद-उल-अजहा 2026।

कब दिख सकता है बकरीद का चांद?

इस्लामिक कैलेंडर चंद्रमा की गति पर आधारित होता है। माना जा रहा है कि सऊदी अरब में 17 मई 2026 की शाम जुल हिज्जा का चांद दिखाई दे सकता है। अगर ऐसा होता है तो वहां 18 मई से जुल हिज्जा महीना शुरू हो जाएगा। वहीं भारत में चांद एक दिन बाद दिखने की संभावना रहती है। ऐसे में भारत में 18 मई 2026 की शाम हिलाल नजर आ सकता है। हालांकि अंतिम फैसला स्थानीय चांद कमेटियों और धार्मिक संस्थाओं की पुष्टि के बाद ही होगा।

भारत में कब मनाई जा सकती है बकरीद 2026?

अगर भारत में 18 मई की शाम चांद दिखाई देता है, तो 19 मई से जुल हिज्जा महीना शुरू होगा और ईद-उल-अजहा यानी बकरीद 28 मई 2026 को मनाई जा सकती है। वहीं अगर चांद 19 मई को नजर आता है, तो बकरीद 29 मई को पड़ सकती है।

क्या होता है हिलाल?

इस्लाम में नए चंद्रमा की पहली पतली आकृति को "हिलाल" कहा जाता है। इसी के दिखने के बाद नया इस्लामिक महीना शुरू माना जाता है। इसलिए रमजान, ईद और बकरीद जैसे सभी बड़े त्योहार चांद दिखने पर ही तय किए जाते हैं।

क्यों अलग होती है भारत और सऊदी की तारीख?

सऊदी अरब पश्चिम दिशा में होने के कारण वहां चांद पहले दिखाई देता है। वहीं भारत और दक्षिण एशिया के अन्य देशों में चांद अक्सर अगले दिन नजर आता है। इसी वजह से दोनों देशों में ईद और बकरीद की तारीखों में एक दिन का अंतर देखने को मिलता है।

बकरीद का धार्मिक महत्व

ईद-उल-अजहा को कुर्बानी का त्योहार कहा जाता है। इस दिन मुस्लिम समुदाय नमाज अदा करता है और अल्लाह की राह में कुर्बानी देता है। यह पर्व त्याग, समर्पण और इंसानियत का संदेश देता है।

Story first published: Sunday, May 17, 2026, 10:41 [IST]
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