Latest Updates
-
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर
बदलाव: इस ऑस्ट्रेलियन महिला सीनेटर ने भरी संसद में बेटी को कराई ब्रेस्टफीडिंग
ऑस्ट्रेलियाई सांसद लारिसा वॉटर्स ने ऑस्ट्रेलियाई पार्लियामेंट में स्तनपान कराने वाली पहली राजनेता बन गई हैं।
ऑस्ट्रेलियाई सांसद लारिसा वॉटर्स संसद में स्तनपान करवाकर ऐसा करने वाली वो पहली राजनेता बन गई हैं। 2 महीनें की मातृत्व अवकाश से लौटकर आई थी। ऑस्ट्रेलियाई पार्लियामेंट में एक मतदान के दौरान वॉटर्स ने अपनी 14 सप्ताह की बेटी आलिया जॉय को स्तनपान कराया। ऐसा करके उन्होंने मातृत्व के साथ महिला शक्तीकरण की मिसाल पेश की।
इसके बाद जब ये फोटोज सोशल मीडिया में वायरल हुई तो लोगों ने इस पहल की जमकर प्रशंसा की।
2 महीनें की मैटरनिटी लीव से थी लौटी
क्वींसलैंड शहर की सीनेटर लारिसा वॉटर्स ऑस्ट्रेलियाई ग्रीन पार्टी की सह-उपाध्यक्ष भी हैं। वॉटर्स संसद में मैटर्निटी लीव के बाद लौटी थीं। संसद में कार्यवाही के दौरान जब उनकी 14 हफ्ते की बेटी आलिया को भूख लगी, तो वो रोने लगी ऐसे में वॉटर्स ने कार्यवाही के दौरान ही स्तनपान कराया। वॉटर्स ने कहा "मुझे इस बात का गर्व है कि मेरी बेटी आलिया संघीय संसद यानि फ़ेडेरल पार्लियामेंट में स्तनपान करने वाली पहली बच्ची बनी है। हमें संसद में और महिलाओं की ज़रूरत है। "

उदार और प्रोगेसिव है नए नियम
गौरतलब है कि आठ साल पहले स्तनपान कराने के चलते ग्रीन पार्टी की युवा सदस्य सारा हनसन को उनकी दो साल की बेटी कोरा के साथ संसद से बाहर निकाल दिया गया था। आठ साल बाद ऑस्ट्रेलियाई सरकार का ये कदम उदार कहा जाएगा।
उन्होंने नवंबर में कहा था, "अगर हम संसद में और युवा महिलाएं चाहते हैं तो हमारे नियमों के उदार और प्रोग्रेसिव होने की ज़रुरत है जिससे हाल में बच्चों को जन्म देने वाली मां और पिता, संसद और बच्चों की परवरिश की भूमिका में संतुलन ला सकें'।
स्पेनिश सांसद को झेलनी पड़ी थी आलोचना
स्तनपान का विषय दुनिया भर की संसद में एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। साल 2016 में स्पेनिश सांसद कैरोलिना बेसकांसा को भी संसद में अपनी बच्ची ले जाने और स्तनपान कराने के लिए आलोचना झेलनी पड़ी थी।
स्तनपान कराने के लिए जाना पड़ा था बाहर
इससे पहले साल 2003 में एक और राजनेता क्रिसटली मार्शल को अपनी 11 माह की बच्ची को दूध पिलाने के संसद से बाहर जाना पडा था क्यो कि कानून के मुताबिक संसद के भीतर कोई भी बिना चुना हुआ प्रतिनिधि नही आ सकता चाहे वो बच्चा ही क्या ना हो।

टि्वटर पर लोगों ने जमकर की प्रशंसा
लारिसा के इस पहल को पूरी दुनियाभर से लोगों का समर्थन मिल रहा हैं। लोग जमकर लारिसा के पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रियाएंं दे रहे हैं।



Click it and Unblock the Notifications











