खिलजी ने क्यों की थी चित्तौड़ पर चढ़़ाई, क्या है रानी पद्मावती का सही इतिहास

Padmavati Real Life History and Facts | रानी पद्मावती की असल कहानी हिंदी में | FilmiBeat

संयज लीला भंसाली की आने वाली फिल्म पद्मावती विवादों में घिर चुकी है। इस फिल्म को रानी पद्मावती के जीवन पर फिल्माया गया है। लेकिन कुछ जानकारों और समर्थकों ने इस फिल्म का इसलिए विरोध करना शुरु कर दिया है।

क्योंकि उनका कहना है कि रानी पद्मावती को इस फिल्म मे गलत तरह से पेश किया गया है। आज हम रानी पद्मावती के बारे में बात करेगें। आपको हम वो बातें बताएंगे जो आपको अभी तक पता भी नहीं होगी।

रानी पद्मावती की वो हकीकत जिसको सुनकर आप अपने दांतों के नीचे उंगली दबा लेगें। रानी पद्मावती के बारे में इतिहास में सभी कुछ मौजूद है पर कुछ ऐसी बातें भी है जो उनको अजब गजब रानी बनाती है।

कई ऐसे हुनर जो उस जमाने में किसी के पास नहीं हुआ करते थें। ये बातें आपको आश्चर्य में डाल देंगे। आइए जानते है कि वो कौन सी बात या कौन से राज है जो रानी पद्मावती के बारे में कोई नही जानता है।

श्री लंका में पैदा हुई थी पद्मावती

श्री लंका में पैदा हुई थी पद्मावती

रानी पद्मावती का इतिहास तो काफी पुराना है। आपको बता दें कि 13वीं से 14वीं शताब्दी के बीच रानी का इतिहास माना जाता है। इनका जन्म सिंहल द्वीप में हुआ था। इस समय ये जगह श्री लंका में मौजूद है। अगर आप पद्मावती को श्री लंका की राजकुमारी कहें तो ये बिल्कुल भी गलत नहीं होगा।

काल्पनिक कैरेक्टर मानते है कई इतिहासकार

काल्पनिक कैरेक्टर मानते है कई इतिहासकार

आपको बता दें कई इतिहासकारों ने तो रानी पद्मावती का वजूद तक मानने से मना कर दिया था। इसके बाद मलिक मोहम्मद जायसी ने अपनी एक किताब पद्मावत में इनकी जिक्र किया और इनके असली होने का सुबूत भी दिया।

स्वंयवर में हुआ थी पद्मावती का विवाह

स्वंयवर में हुआ थी पद्मावती का विवाह

रानी पद्मावती का विवाह स्वंयवर के जरिए मेवाड़ के राजपूत राजा रतन सिंह के साथ हुआ। इन दोनो की पहली मुलाकात विवाह के दिन यानि स्वंयवर में ही हुई थी। आपको बतातें कि पद्मावती से जब राजा ने विवाह किया था इसके पहले भी उनकी कई पत्नियां थी।

तोते से बात करने का हुनर रखती थी पद्मावती

तोते से बात करने का हुनर रखती थी पद्मावती

रानि पद्मावति हरि मनि नाम के एक तोते से बात करती थी। एक किताब में इसका जिक्र है कि ये काम करने वाली उस जमाने में पद्मावती अकेली महिला थी। तोते से बात करने का जिक्र इतिहास में भी दर्ज है।

क्यों की थी खिलजी ने चित्तौड़ पर चढ़ाई

क्यों की थी खिलजी ने चित्तौड़ पर चढ़ाई

कई लोगों को अपना अलग मानना है। कुछ इतिहासकार कहते है कि वो रानी पद्मावती के लिए लड़ाई करना चाहता था। तो कुछ लोगों का मानना है कि पैसो के लिए खिलजी ने चित्तौड़ पर चढ़ाई की थी।

पुरोहित राघव चैतन्य ने किया ये

पुरोहित राघव चैतन्य ने किया ये

कई जगह दर्ज है कि किसी काम से नाराज होकर राजा रतन सिंह ने पुरोहित को निकाल दिया था। इसी बात से खफा पुरोहित ने खिलजी को पद्मावती की सुंदरता के बारे मे बताया था। फिर खिलजी रानी पर मोहित हो गया था।

जब जंग में हार गए रतन सिंह

जब जंग में हार गए रतन सिंह

कहते है कि इस जंग में रतन सिंह की मौत हो गई थी। पर रानी पद्मावती किसी भी हाल में खिलजी की दासी नहीं बनना चाहती थी इसीलिए वो सबके सामने आग में कूद गई थी। रानी ने अपने पति के आगे किसी का ना होने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया।

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