तुआरेग जनजाति, जहां महिलाओं को शादी से पहले सेक्‍स करने की ही खुली छूट

अभी तक आपने महिलाओं के साथ रेप और मैरेटियल रेप के बारे में सुना होगा, लेकिन आपने कभी सुना है कि महिलाएं पुरुषों के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाती हो। जी हां, पश्चिमी अफ्रीका के नाइजर इलाके में रहने वाली तुआरेग जनजाति में महिलाएं शादी से प‍हले किसी भी पुरुष के साथ जबरन शारीरिक संबध बना सकती है।

ये जनजाति महिला सशक्‍तीकरण का एक उम्‍दा उदाहरण है, यहां महिलाएं शादी से लेकर तलाक तक का निर्णय अपनी इच्‍छा से लेती है। आप मानेंगे न‍हीं मुस्लिम होने के बाद भी यहां महिलाएं पर्दा नहीं करती हैं, बल्कि इस कबिले के नौजवानों को पर्दे में रहना पड़ता है।

सिर्फ महिलाओं को अधिकार

सिर्फ महिलाओं को अधिकार

यहां महिलाओं को शादी से पहले कई मर्दो से संबंध बनाने की इजाजत है। वो अपनी मर्जी से किसी भी मर्द के साथ शादी कर सकती है। इतना ही नहीं, शादी के बाद भी वह किसी गैर मर्द के साथ संबंध बना सकती हैं। तथा महिलाये अपनी इच्छा अनुसार शादी करती है और अपनी इच्छानुसार तलाक ले लेती है। लेकिन पुरुष किसी अन्य महिला से संबंध नहीं बना सकता।

मातृसतात्‍मक समाज

मातृसतात्‍मक समाज

तुआरेग जनजाति मातृसतात्‍मक समाज है, जहां महिलाओं को पुरुषों की तुलना में अधिक अधिकार दिए गए है। यहां महिलाएं आराम से किसी भी पुरुष से शादी कर सकती है शादी के बाद गैर मर्द से शारीरिक संबंध बना सकती है। महिलाएं ही घर की मुखिया होती है।

 ब्‍लू मैन ऑफ द सहारा

ब्‍लू मैन ऑफ द सहारा

इस जनजाति महिलाएं अपना चेहरा सार्वजानिक तौर पर नहीं ढ़कती है क्‍योंकि इस कबिले की महिलाएं चाहती है कि पुरुष उनके इस सौंदर्य से आकर्षित हो, वहीं इस जनजाति के युवा पुरुष को अपना चेहरा ढककर रखना पड़ता है। इस वजह से उन्‍हे ब्‍लू मैन ऑफ द सहारा कहा जाता है। क्‍योंकि नीले कलर की पगड़ी और कपड़े की वजह से इनके शरीर में ब्‍लू कलर का रंग चढ़ जाता है। जिस वजह से यहां के पुरुषों को ये नाम मिला।

काफी बोल्‍ड है ये महिलाएं

काफी बोल्‍ड है ये महिलाएं

अगर इस जनजाति की महिलाओं को बोल्‍ड कहा जाएं तो बिल्‍कुल सही होगा। यहां की महिलाओं की पुरुषों से ज्‍यादा अधिकार है। यहां वो शादी से पूर्व कई प्रेमी रख सकती है। यहां सेक्‍स पर बहुत प्राइवेसी रखी जाती है। यहां शाम होते ही युवक युवतियों के टैंट में जाकर रात बिता सकते है। इससे लड़की के घरवालों को भी कोई ऐतराज नहीं होता है। लेकिन सूर्योदय से पहले उस युवक को टेंट से वापस चले जाना होता है।

तलाक पर मनाया जाता है जश्‍न

तलाक पर मनाया जाता है जश्‍न

इस गाँव में शादी होना और तलाक होना रोज की आम बात हो गई है। यदि किसी महिला को तलाक मिलता है महिला के घरवाले जश्न मानते है। तलाक लेने के बाद तुआरेग महिलाएं चाहे तो अपने पूर्व पति की सारी सम्‍पति पर अधिकार जमा सकती है। यदि किसी पुरुष को कोई काम करना होता है तो महिला से इजाजत लेनी पड़ती है।

Desktop Bottom Promotion