दिहाड़ी मज़दूर को अपनी नवजात बच्‍ची की सर्जरी के लिए है पैसों की ज़रूरत

By Parul
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इस दुनिया में आने वाले किसी भी शख्स को कभी भी, कहीं भी, कोई भी बीमारी हो सकती है। बीमारी दस्‍तक देकर नहीं आती है। इस साल की शुरुआत में राजेश और उनकी पत्‍नी अपने आने वाले बच्‍चे का इंतज़ार कर रहे थे। उनके ज़ेहन में एक बार भी ये ख्‍याल नहीं आया था कि उनके घर आने वाले मेहमान के साथ कोई बीमारी भी दस्तक दे सकती है। इन सबसे बेपरवाह दोनों पति-पत्‍नी अपने आने वाले बच्‍चे की तैयारियों में लगे थे।

मई के महीने में राजेश की पत्‍नी ने एक बेटी को जन्‍म दिया। बेटी के जन्‍म पर इन दोनों की खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा लेकिन इन्‍हें क्‍या पता था कि इनकी खुशी बस दो पल की मेहमान है। जन्‍म के बाद डॉक्‍टरों ने बताया कि बच्‍ची ने एक गंभीर बीमारी के साथ जन्‍म लिया है जिसका नाम है पल्‍मोनरी एट्रेसिया (Pulmonary Atresia)। इस बीमारी से ग्रस्‍त बच्‍चे के ह्रदय में पल्‍मोनरी वॉल्‍व कमज़ोर होता है जिसकी वजह से पूरे शरीर में रक्‍तप्रवाह का काम नहीं हो पाता है। इसके इलाज के लिए डॉक्‍टरों ने राजेश और उसकी पत्‍नी को बच्‍ची की सर्जरी करवाने के लिए कहा जिसमें बच्‍ची के दिल में स्‍टेंट डालकर इस परेशानी को हमेशा के लिए दूर किया जा सकता है।

heart surgery

चेन्‍नई के अपोलो अस्‍पताल में इस सर्जरी का खर्चा 5 लाख रुपए है। इसी अस्‍पताल में राजेश की नन्ही सी बिटिया पिछले 23 दिनों से भर्ती है।

राजेश एक दिहाड़ी मज़दूर है और महीने में वो बस 4000 रुपए ही कमा पाता है और सालों से वो और उसकी पत्‍नी इतने ही पैसों में गुज़ारा करते आ रहे हैं। उसकी पत्‍नी घर संभालती है। उसके पास कमाने का कोई और ज़रिया नहीं है। उनकी छोटी सी बचत भी बच्‍ची के जन्‍म के बाद कुछ ही दिनों में अस्‍पताल के खर्चों में खत्‍म हो गई। उन्‍होंने दोस्‍तों से 20,000 रुपए उधार लिए थे लेकिन 5 लाख रुपए का इंतज़ाम कर पाने के बारे ये परिवार सपने में भी नहीं सोच सकता है। इनके पास ना तो कोई ज़मीन है जिसे बेचकर ये पैसों का इंतज़ाम कर ले और ना ही इनके रिश्‍तेदार इस हालत में हैं कि इनकी मदद कर सकें।

इस परिस्थिति में राजेश को लोगों से उम्‍मीद है कि वो उसकी बेटी की सर्जरी के लिए आर्थिक रूप से उसकी मदद करने के लिए आगे आएंगे। उसे उम्‍मीद है कि लोग मानवता की खातिर उसकी मदद ज़रूर करेंगें। आपका छोटा सा योगदान भी एक बच्‍ची की जान बचाने में मददगार साबित हो सकता है।

यहां पर आप बच्‍ची के लिए राशि दान कर सकते हैं और राजेश की बच्‍चे की कहानी दूसरों के साथ शेयर कर सकते हैं।

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    English summary

    दिहाड़ी मज़दूर को अपनी नवजात बच्‍ची की सर्जरी के लिए है पैसों की ज़रूरत | A Labourer Struggles To Save His Newborn Girl With The Daily Wages

    When doctors examined the infant of Rajesh and his wife, they found that she was born with a serious defect - Pulmonary Atresia. The only solution, doctors have told Rajesh and his wife, is a surgery and the process will cost Rs. 5 lakhs at Apollo Hospitals in Chennai.
    Story first published: Tuesday, June 19, 2018, 16:43 [IST]
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