Latest Updates
-
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर
मैगी खा कर क्रिकेट के लिये पैसे बचाता था, अब बन गया Indian Cricket का Super Star
यह देश 120 करोड़ लोंगो का देश है, लेकिन इन सभी लोंगो की निगाहें उन 11 लोंगो पर रहती हैं, जो इस मैदान में खेल रहे होते हैं। इस मैदान में खेल रहे हर खिलाड़ी की एक अलग कहानी है। ये अलग जिंदगी से निकल कर आए हैं। आज हम आपको इन्हीं खिलाड़ी में से एक ऐसे खिलाड़ी की कहानी सुनाएंगे जो मैगी खा कर पला बढ़ा।

वह मैगी की बदौलत क्रिकेट को जी रहा था। आप सोंच रहे होंगे भला कैसे? तो यह समझ लीजिये कि वह मैगी खा कर पैसे बचाता था और क्रिकेट का सामान इकठ्ठा करता था। आज हम आपको हार्दिक पांड्या की ऐसी बाते बताने जा रहे है जिन्हें आप शायद ही जानते होंगे।

1. आक्रमकता और आत्मविश्वास से भरे Hardik Pandya
इन्हें बल्लेबाजी और गेंद बाजी दोंनो में ही महारत हासिल है। क्रिकेट प्रेमी इन्हें सिक्सर बॉय कहते हैं। चयनकर्ता इनमें All rounder वाली छवि देखते हैं। Hardik Pandya को यह सब ऐसे ही नहीं मिला। इसके पीछे की कहानी काफी प्रेरणादायक भी है और प्रशंसनीय भी।

2. Hardik Pandya का जन्म
Hardik Pandya का जन्म 11 अक्टूबर 1993 में सूरत, गुजरात में हुआ था। हार्दिक के पिता क्रिकेट खेल के बड़े प्रेमी थे। वे अक्सर हार्दिक को क्रिकेट दिखाने के लिये स्टेडियम ले जाया करते थे। हार्दिक की पढ़ाई में बेहद कम रूचि थे। वे 9वी क्लास में फेल भी हुए हैं। क्रिकेट के सपनों को पूरा करने के लिये हार्दिक ने बहुत महनत की।

3. Hardik Pandya के साथ Kunal Panya भी बेहतरीन क्रिकेट खेलते थे
Hardik Pandya के साथ Kunal Panya भी बेहतरीन क्रिकेट खेलते थे, और पिता ने इन दोंनो को बेहतर क्रिकेटर बनाने के लिये सूरत से अपना व्यापार समेट कर बड़ोदरा शिफ्ट हो गए।

4. नहीं थे फीस के पैसे
दोंनो भाइयों की प्रतिभा और मालि हालत देखते हुए किरन ने ये फैसला लिया कि इन दोंनो भाइयों की कोई भी फीस नहीं लगेगी। यानी की इन दोंनो को क्रिकेटर बनाने में क्रिकेटर किरन मोरे का बहुत बड़ा हाथ रहा।

5. एक ओर Panya Brothers क्रिकेट सीख रहे थे तो वहीं पिता का बिजनस सिमटने लगा
दोंनो भाइयों के घर की हालत खराब होने के नाते किरन मोरे ने उन्हें फ्री में क्रिकेट सिखाने को बोल दिया। दोंनो भाई मैदान पर बेहतरीन प्रर्दशन करने लगे।

6. Panya सिर्फ मैगी खा कर मैदान पर practice करते थे
आर्थिक तंगी की वजह से वह सिर्फ मैगी खाते थे और भोजन से पैसे बचा कर क्रिकेट के सामान खरीदते थे।

7. क्रिकेट खेलने को नहीं था खुद का बैट
2014 में Hardik Pandya एक क्रिकेट मैच खेल रहे थे, जिसमें उनके पास खुद का बैट ही नहीं था। उस वक्त भारतीय क्रिकेट के सूपर स्टार क्रिकेटर इरफान पठान ने उन्हें दो बैट गिफ्ट में दिये। उस मैच मेंउन्होंने 80 रस की शानदार पारी खेली। और उसी मैच के दौरान जॉन राइट जो कि भारतीय कोच थे, उनकी नज़र उन पर पड़ गई। फिर उन्होंने इस खिलाड़ी को मुंबई इंडियन के साथ 10 लाख की कीमत में जोड़ लिया। और यहीं से शुरु हुआ हार्दिक पांडया के ऊपर चढ़ने का सिलसिला।

8. Pandya ने चयनकर्ताओं को कभी निराश नहीं किया
2 Man of the Match के साथ पांडया ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इनके क्रिकेट में गजब का ठहराव है। उनके ठहराव में इतिहास बनाने की काबीलियत है।

9. प्रेशर में भी खेलते हैं अच्छा
साल 2014 में मुंबई इंडियन में हार्दिक पांडया शामिल हुए और उनकी पहली मुलाकात हुई सचिन तेंदुलकर से। सचिन ने इस मुलाकात के बाद कह दिया था कि टीम इंडिया को एक बड़ा सितारा मिलने वाला हे।

10. 2016 में हुए T-20 में शामिल
पांडया को पहले ही मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2 विकेट मिले।

11. पाकिस्तान से हारने के बाद भी Pandy जीते
ICC चैंपियन्स ट्रॉफी 2016 के फाइनल में भले ही भारत पाकिस्तान से हार गया हो लेकिन हर कोई पांडया का दीवाना हो गया। संकट में फसी इस टीम इंडिया को इन बल्लेबाज ने अपने बल्ले से उबारने की कोशिश की तो लगा जैसे जीत ज्यादा दूर नहीं है।

12. ड्रेसिंग रूम में करते हैं काफी मस्ती
Pandya क्रिकेट रूम से लेकर क्रिकेट की बाहरी दुनिया तक हर चीज़ को इंज्वॉय करने की कोशिश करते हैं।



Click it and Unblock the Notifications











