Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
इन भारतीयों का देश ही नहीं दुनिया ने भी माना लोहा
सभी अमीर और मशहूर लोग चांदी का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुए हैं। उनकी कड़ी मेहनत और लगन ने उन्हें अमीर और पॉपुलर बनाया है। आज हम इस लेख में, उन भारतीयों के बारे में बात करेंगे जिन्होंने सफल होने के लिये काफी संघर्ष किया, और उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प ने उन्हें आज प्रसिद्ध बना दिया है।
आज हम उन प्रसिद्ध भारतीयों की प्रेरणात्मक विचारधारा के बारे में जानेंगे जिन्हें दुनिया उनके काम की वजह से जानती है।

नारायण मूर्ति
उनकी धारणा- 'अगर आप सपने देखते हैं तो आप इसे पूरा भी कर सकते हैं।'
साल 1981 में उन्होंने केवल 10 हजार रुपये से इंफोसिस कंपनी की नींव रखी थी। अब वर्तमान में, इस कंपनी का सालाना टर्नओवर 10।93 बिलियन है।
ए पी जे अब्दुल कलाम
उनकी धारणा- 'आप जो भी बनें, लेकिन उससे पहले एक अच्छे इंसान जरूर बनें।'
बचपन में उन्होंने खर्चा चलाने के लिये न्यूज़पेपर बेचना शुरु कर दिया था। आज उन्हें 'मिसाइल मैन' और भारत के सबसे प्रिय राष्ट्रपति के रूप में याद किया जाता है।
धीरुभाई अंबानी
उनकी धारणा- 'कोई आपको आपकी अनुमति के बिना नीचा नहीं महसूस करवा सकता है।'
वह शुरुआती दिनों में अपने गांव के मेले में भजिया बेचते थे। आज उनकी कंपनी 20वीं शताब्दी की सबसे बड़ी धन निर्माता के रूप में उभरी है।
नरेंद्र मोदी
उनकी धारणा- 'आप कहीं भी हों, जो आपके पास है आप उसके साथ कुछ भी कर सकते हैं।'
बचपन में वह स्टेशन पर चाय बेचते थे। उन्हें फोर्ब्स द्वारा सबसे प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में नामित किया गया है।
इंद्रा नूई
उनकी धारणा- 'हर कठिनाई के बीच में मौका है'।
उन्होंने एक रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम किया ताकि वह अपने जॉब इंटरव्यू के लिये एक पोशाक खरीद सकें। आज वह पेप्सिको की सीईओ हैं।
मिल्खा सिंह
उनकी धारणा-'यदि कोई संघर्ष नहीं है, तो कोई प्रगति नहीं है।'
उन्होंने आर्थिक रूप से काफी संघर्ष किया और एक समय ऐसा आया जब उन्होंने डाकू बनने का फैसला कर लिया था।
अपनी कड़ी मेहनत और समपर्ण के साथ उन्होंने एथियाई खेलों में चार स्वर्ण और राष्ट्रमंडल खेलों में एक स्वर्ण पदक जीता था। उन्हें भारत सरकार के द्वारा पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।



Click it and Unblock the Notifications
