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इन भारतीयों का देश ही नहीं दुनिया ने भी माना लोहा
सभी अमीर और मशहूर लोग चांदी का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुए हैं। उनकी कड़ी मेहनत और लगन ने उन्हें अमीर और पॉपुलर बनाया है। आज हम इस लेख में, उन भारतीयों के बारे में बात करेंगे जिन्होंने सफल होने के लिये काफी संघर्ष किया, और उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प ने उन्हें आज प्रसिद्ध बना दिया है।
आज हम उन प्रसिद्ध भारतीयों की प्रेरणात्मक विचारधारा के बारे में जानेंगे जिन्हें दुनिया उनके काम की वजह से जानती है।

नारायण मूर्ति
उनकी धारणा- 'अगर आप सपने देखते हैं तो आप इसे पूरा भी कर सकते हैं।'
साल 1981 में उन्होंने केवल 10 हजार रुपये से इंफोसिस कंपनी की नींव रखी थी। अब वर्तमान में, इस कंपनी का सालाना टर्नओवर 10।93 बिलियन है।
ए पी जे अब्दुल कलाम
उनकी धारणा- 'आप जो भी बनें, लेकिन उससे पहले एक अच्छे इंसान जरूर बनें।'
बचपन में उन्होंने खर्चा चलाने के लिये न्यूज़पेपर बेचना शुरु कर दिया था। आज उन्हें 'मिसाइल मैन' और भारत के सबसे प्रिय राष्ट्रपति के रूप में याद किया जाता है।
धीरुभाई अंबानी
उनकी धारणा- 'कोई आपको आपकी अनुमति के बिना नीचा नहीं महसूस करवा सकता है।'
वह शुरुआती दिनों में अपने गांव के मेले में भजिया बेचते थे। आज उनकी कंपनी 20वीं शताब्दी की सबसे बड़ी धन निर्माता के रूप में उभरी है।
नरेंद्र मोदी
उनकी धारणा- 'आप कहीं भी हों, जो आपके पास है आप उसके साथ कुछ भी कर सकते हैं।'
बचपन में वह स्टेशन पर चाय बेचते थे। उन्हें फोर्ब्स द्वारा सबसे प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में नामित किया गया है।
इंद्रा नूई
उनकी धारणा- 'हर कठिनाई के बीच में मौका है'।
उन्होंने एक रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम किया ताकि वह अपने जॉब इंटरव्यू के लिये एक पोशाक खरीद सकें। आज वह पेप्सिको की सीईओ हैं।
मिल्खा सिंह
उनकी धारणा-'यदि कोई संघर्ष नहीं है, तो कोई प्रगति नहीं है।'
उन्होंने आर्थिक रूप से काफी संघर्ष किया और एक समय ऐसा आया जब उन्होंने डाकू बनने का फैसला कर लिया था।
अपनी कड़ी मेहनत और समपर्ण के साथ उन्होंने एथियाई खेलों में चार स्वर्ण और राष्ट्रमंडल खेलों में एक स्वर्ण पदक जीता था। उन्हें भारत सरकार के द्वारा पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।



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