Latest Updates
-
Sunday Morning to Night Nihari Recipe: धीमी आंच पर पकाएं और पाएं रेस्टोरेंट जैसा लजीज स्वाद -
Kainchi Dham जाने का है प्लान तो रुकने की टेंशन करें खत्म, जानिए कहां मिलेंगे सबसे सस्ते और बेस्ट होटल्स -
Happy Brother's Day 2026 Shayari: प्यारा भाई यह मेरा, ब्रदर्स डे पर अपने भाई को भेजें ये शायरियां -
Restaurant Style Papdi Chaat Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी चटपटी और कुरकुरी चाट -
B Letter Babies Names: अपने बच्चे के लिए ढूंढ रहे हैं 'B' से यूनिक और ट्रेंडी नाम? देखें 200+ नामों की लिस्ट -
अनोखा गांव जहां हर घर की पार्किंग में खड़ा है प्राइवेट जेट, सब्जी लेने के लिए भी लोग भरते हैं उड़ान -
Bakrid 2026 Holiday Date: 27 मई या 28 मई, कब है बकरीद की सरकारी छुट्टी? यहां जानें सही तारीख -
UP Style Tangy Kadhi Chawal Recipe: घर पर बनाएं यूपी के स्वाद वाली चटपटी कढ़ी -
गर्मियों में क्यों फूटने लगती है नकसीर? नाक से खून आने पर तुरंत करें ये 5 घरेलू उपाय, मिनटों में मिलेगी राहत -
पेट्रोल के दामों में उछाल और प्रचंड गर्मी का कहर! क्या सच साबित हो रही बाबा वेंगा की सदियों पुरानी भविष्यवाणी
Nipah Virus से मरने वाली नर्स ने मरने से पहले लिखा पति को इमोशनल खत
निपाह वायरस से मरने वाली एक नर्स लिनी पुथुस्सेरी ने मरने से पहले अपने पति के लिए एक इमोशनल लैटर लिखा था। नर्स को निपाह वायरस से संक्रमित एक मरीज़ का ईलाज करने के दौरान ही इस खतरनाक संक्रमण ने जकड़ लिया था। उसने अपने आखिरी पलों में अपने पति के लिए बहुत ही भावुक खत लिखा है।
अपने इस खत में उसने हर उस बात और सपने का जिक्र किया है जो उन दोनों ने मिलकर अपने बच्चे के लिए देखे थे। आइए एक नज़र डालते हैं उस नर्स के अपने पति के लिए इस दर्दभरे खत पर ..

साजी छेट्टा, लगभग अब मैं मरने वाली हूं और मुझे नहीं लगता कि अब मैं तुम्हे दोबारा देख पाऊंगीं। मुझे माफ करना और हमारे बच्चे का ठीक से ध्यान रखना। उसे कभी अकेला मत छोड़ना। तुम्हे बहुत सारा प्यार...
इस खत को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने अपने फेसबुक पर शेयर किया था। लिनी अब जा चुकी है, ये वही है जिसने किसी औरर की जान बचाने के लिए अपनी कुर्बानी दे दी। बहुत दुख की बात है कि अपने काम को पूरी शिद्दत से करने वाली लिनी अब नहीं रही है। लिनी के परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के साथ हमारी सांत्वना है।
केरल में इस खतरनाक वायरस से संक्रमित दसवें मरीज़ को लिनी के पास लाया गया था। इस वायरस से आसपास के लोगों को बचाने के लिए कई तरह की सावधानियां बरतने की जरूरत होती है। लिनी ने अपने खत में लिखा कि उन दोनों ने ऐसे कई सपने देखे थे जो अब तक अधूरे हैं।
खबरों की मानें तो मंत्रालय की ओर से लिनी के परिवार को मदद दी गई है। वहीं दूसरी ओर रिपोर्ट्स की मानें तो अब तक इस घातक वायरस से निपटने के लिए कोई वैक्सीन नहीं बनाई गई है और इस पर अभी और रिसर्च करने की जरूरत है। बस मरीज़ को अपने चेहरे पर फेस मास्क पहनकर रखना चाहिए और साफ-सफाई के सारे नियमों का पालन करना चाहिए।



Click it and Unblock the Notifications