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क्रिकेट के गब्बर.. शिखर धवन की जिंदगी के कुछ अनसुने फैक्ट्स..नहीं जानते होगे आप

जब-जब किसी प्रतिभा को अवसर मिला है सफलता की कहानी अपने-आप लिख जाती है। लंबे वक्त तक घरेलू क्रिकेट में धूम मचाने वाले शिखर धवन की कहानी कुछ ऐसी ही है। धवन को घरेलू क्रिकेट से निकलने में काफी वक्त लग गया, लेकिन जब निकले तो लगा कि क्रिकेट के हर फॉर्मेट में ये क्रिकेटर एकदम फिट है।
टेस्ट क्रिकेट में खेलने के लिए शिखर धवन को लंबे वक्त तक इंतजार करना पड़ा...लेकिन जब टेस्ट खेलने मैदान पर उतरे तो पहले ही टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 187 रन की पारी खेलकर धवन ने अपना नया परिचय दे दिया। सिर्फ 85 गेंदों में शिखर ने सेंचूरी बना दी। लोग कहने लगे कि टीम इंडिया को नया सहवाग मिल। यह सब कुछ एक परिकथा जैसा लगता है लेकिन बात वही है कि धैर्य का फल मीठा होता है। क्रिकेट की दुनिया में धवन को लोग इसकी मिसाल मानते हैं...

5 दिसंबर1985 को दिल्ली में जन्मे शिखर धवन के पिता ने बचपन में ही उनकी क्रिकेट प्रतिभा को परख लिया था। बाद में क्रिकेट कोचिंग में शानदार ट्रेनिंग के दम पर शिखर धवन खुद को निखारते चले गए।
घरेलू क्रिकेट से निकलकर शिखर धवन को 2010 में पहली बार वन डे टीम में मौका मिला था। ऑस्ट्रेलिय़ा के खिलाफ इस मैच मेंधवन दूसरी गेंद पर ही बिना खाता खोले आउट हो गए। अगली सीरीज में उन्हें चुना ही नहीं गया... ये शिखर धवन के लिए एक सबक था... खैर तब वो भी नहीं जानते थे कि इसका फायदा उन्हें भविष्य में मिलेगा और लोग उन्हें टीम इंडिया के गब्बर के नाम से पुकारने लगेंगे।
तब कोई नहीं जानता था कि धवन शून्य से शुरू किए गए इस सफर को शिखर पर लेकर चले जाएंगे। ये अलग बात है कि उन्हें आगे आने वाले दिनों में काफी इंतजार करना पड़ा...

धवन ने घबराकर क्रिकेट छोड़ देने का फैसला किया
शिखर को टीम में खेलने का मौका फिर से मिला लेकिन वो लगातार दूसरी बार असफल रहे। साल 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ एक मैच में धवन ने अच्छी बल्लेबाजी की। फिर तीन मैच में सिर्फ 18 रन बना पाए। खराब प्रदर्शन की वजह से उन्हें टीम से फिर से बाहर कर दिया गया। धवन के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफलता अब भी बहुत दूर था। इस बीच में उनके मन में असफलता घर करने लगी थी। धवन को करीब से जानने वाले बताते हैं कि एक बार धवन ने घबराकर क्रिकेट छोड़ देने का फैसला किया था...

पिछली गलतियों से काफी कुछ सीख
टीम से बाहर होने के बाद धवन ने पिछली गलतियों से काफी कुछ सीखा और खुद में सफलता के लिए भूख जगाने लगे...चयनकर्ताओं ने शिखर धवन को फिर से मौका दिया। 2013 के शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में अच्छा मौका मिला। इस मौके को धवन ने भुना लिया। इसके बाद से उन्हें मौके मिलते रहे और वो इस मौके पर शानदार क्रिकेट खेलते रहे।

धुआंधार बल्लेबाजी से सीरीज में रंग जमाया
आगे चैंपियंस ट्रॉफी में उन्हें खेलना था धवन ने धुआंधार बल्लेबाजी से सीरीज में रंग जमा दिया। उन्हें मैन ऑफ द सीरिज चुना गया। इसके बाद से टीम इंडिया में लगभग उन्हें लगातार मौका मिलता रहा है और शानदार क्रिकेट के दम पर वो खुद को सही भी साबित करते रहे हैं।

2017 चैंपियंस ट्रॉफी में भी धवन ने खुद को साबित किया
2015 विश्वकप में शिखर धवन अपना फॉर्म वापस लाने में जुटे हुए थे। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की गति और उछाल ने धवन को काफी परेशान किया लेकिन टीम के लिए उ्न्होंने सही वक्त पर सही काम किया। दो शतक और एक अर्धशतक के साथ 412 रन बनाए ... दो साल 2017 चैंपियंस ट्रॉफी में भी धवन ने खुद को साबित किया। सिर्फ 7 मैच खेलकर टुर्नामेंट में 500 रन बनाने वाले सबसे तेज बल्लेबाज का कीर्तिमान भी बनाया।

शिखर आईपीएल में भी धमाल मचा चुके हैं
कभी डेक्कन चार्जस के लिए खेला तो कभी दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए, कभी मुंबई इंडियंस को कभी सनराइजर्स हैदराबाद के लिए ... टीम भले ही बदलती रही लेकिन धवन ने कभी भी अपनी बल्लेबाजी से गेंदबाजों का धूआं निकालने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा... सचिन तेंदुलकर उनके आइडियल हैं...इसीलिए सचिन को वो डैडी कहकर बुलाते हैं...

धवन के जीवन में लेडी लक का काफी प्रभाव रहा
शादी उनके जीवन के लिए नया सवेरा लेकर आई। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर की रहने वाली ब्रिटिश बंगाली आयशा मुखर्जी से शादी के बाद शिखर धवन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। सात जन्मों के बंधन में बंधते ही शिखर को शोहरत भी मिली और दौलत भी।

धवन की पत्नी आयशा उनसे 10 साल बड़ी हैं
धवन की सास अंग्रेज हैं और ससुर हिंदुस्तानी। पत्नी का दिल पहले से ही हिन्दुस्तान के लिए धड़कता था। बाद में जब शिखर मिले तो भारत में ससुराल बनाने का सपना भी पूरा हो गया। दोनों की प्रेम कहानी फेसबुक से शुरू हुई जो बाद में हरभजन सिंह की मदद से साल 2012 में पति-पत्नी के रिश्ते में बदल गई। इस प्रेम कहानी को जानने वाले बताते हैं कि क्रिकेट की शौकिन और शौकिया मुक्केबाजी करने वाली आयशा को क्रिकेट प्रेम ने ही शिखर के करीब लाया।

शिखर के साथ आयशा की ये दूसरी शादी है
पहली शादी से आयशा को दो बेटियां हैं। दोनों ही बेटियों को धवन अपने साथ ही रखते हैं। एक इंटरव्यू में धवन ने कहा था कि दोनों बेटी उन्हें बहुत प्यार करती हैं। धवन और आयशा एक बेटे के भी मम्मी-पापा हैं। बेटे का नाम जोरावर रखा है।

अपने स्टाइल से भी दर्शकों का कई बार दिल जीता है
बल्लेबाजी के साथ ही शिखर धवन ने अपने स्टाइल से भी दर्शकों का कई बार दिल जीता है। मैदान पर मूंछ पर कई दफे ताव देते हुए शिखर की तस्वीर वायरल हो चुकी है। खैर सिर्फ मूंछ ही नहीं वो अपने हेयर स्टाइल से भी अपने फैन के घायल करते रहते हैं।

अक्सर पंजाबी गानों पर थिरकते हैं
पंजाबी गानों के मुरीद शिखर धवन दोस्तों की शादी में अक्सर पंजाबी गानों पर थिरकते नजर आते हैं। करीना कपूर उनकी पसंदीदा अभिनेत्री हैं...

गब्बर कहे जाने के पीछे बड़ी रोचक
उन्हें गब्बर कहे जाने के पीछे बड़ी रोचक है। मैदान पर उनके किसी खिलाड़ी दोस्त ने उन्हें मजाक में गब्बर कहा जिसके बाद ये नाम शिखर धवन के साथ जुड़ गया...

शिखर में अभी काफी क्रिकेट बाकी है
बीसीसीआई से लेकर पूरी टीम इंडिया को धवन में 2019 विश्वकप के लिए सबसे शानदार क्रिकेटर वाली छवि दिखती है। वन इंडिया हिंदी की ओर से उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं औ ....बधाई।



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