Latest Updates
-
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन'
Women's Day Special : गूगल ने डूडल से व्यक्त किया महिलाओं के प्रति सम्मान, जाने इससे जुड़ा इतिहास
आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सर्च इंजन गूगल ने खास डूडल बनाकर महिलाओं को समर्पित किया है। गूगल ने इस साल महिला दिवस की थीम 'बैलेंस फॉर बेटर' (Balance For Better) के साथ डूडल तैयार किया है। बता दें, इस डूडल में 14 स्लाइड्स के माध्यम से अलग- अलग भाषाओं में बेहद ही खूबसूरत कोट्स लिखे गए हैं।
इन प्रेरणादायक कोट्स को दुनियाभर की प्रतिभाशाली महिलाओं के एक समूह ने डिजाइन किया हैं। इन 14 स्लाइड्स में भारतीय मुक्केबाज मैरी कॉम का भी कोट शामिल हैं। इसके अलावा एक हिंदी का कोट्स भी शामिल हैं जिसमें लिखा है: "हम इतने अनमोल हैं कि निराशा कभी हमारे दिलों-दिमाग में भी नहीं आनी चाहिए."

जाने इतिहास -
महिलाओं की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उत्सव के रूप में हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। जानिए इससे जुड़ा इतिहास :
- साल 1908 में महिलाएं अपने अधिकारों को लेकर आगे आई, इसी साल करीब 15 हजार महिलाओं ने वोटिंग अधिकार के लिए न्यूयॉर्क सिटी में एक साथ मार्च किया था।
- 1909- सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका ने महिला दिवस मनाने का फैसला किया और पहली बार 29 फरवरी 1909 को महिला दिवस मनाया गया। साल 1913 तक फरवरी के आखिरी रविवार को यह डे मनाया जाता था।

1917 में हुई अधिकारिक घोषणा
इतिहास की माने तो 1917 तक विश्व युद्ध में रूस के 2 लाख से ज्यादा सैनिक मारे गए, जिसके बाद रुसी महिलाएं रोटी और कपड़े के लिये हड़ताल पर जाने का फैसला किया। ये हड़ताल इतनी असरदार रही कि ज़ार ने सत्ता छोड़ी और महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिला। कहा जाता है कि उन दिनों रूस में जुलियन कैलेंडर चलता था जबकि बाकि दुनिया में ग्रेगेरियन कैलेंडर। इन दोनों की तारीखों में कुछ अन्तर होता है। जुलियन कैलेंडर के मुताबिक 1917 की फरवरी का आखिरी इतवार 23 फ़रवरी को था जब की ग्रेगेरियन कैलैंडर के अनुसार उस दिन 8 मार्च थी। यही कारण था कि हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की अधिकारिक घोषणा कर दी गई। और इस दिन राष्ट्रीय अवकाश की घोषणा कर दी गई।

1975 में जुड़ा अंतर्राष्ट्रीय
क्लारा जेटकिन ने 1910 में कोपेनहेगन में कामकाजी औरतों की एक इंटरनेशनल कांफ्रेंस के दौरान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का सुझाव दिया। उस वक्त कांफ्रेंस में 17 देशों की 100 औरतें मौजूद थीं। उन सभी ने इस सुझाव का समर्थन किया।
सबसे पहले साल 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गयाथा। 1975 में महिला दिवस को आधिकारिक मान्यता उस वक्त दी गई थी जब संयुक्त राष्ट्र ने इसे वार्षिक तौर पर एक थीम के साथ मनाना शुरू किया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पहली थीम थी 'सेलीब्रेटिंग द पास्ट, प्लानिंग फॉर द फ्यूचर।'



Click it and Unblock the Notifications











