Latest Updates
-
Special Healthy Gajar Paratha Recipe: सर्दियों के लिए पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता -
Aaj Ka Rashifal 24 June 2026: बुधवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी बुध देव की कृपा, जानें किसे मिलेगा धन लाभ -
Fry Pan Method Fish Masala Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा फिश मसाला -
Pahadi Green Superfood Kafuli Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और पौष्टिक स्वाद -
टीम इंडिया की जर्सी पाकर इमोशनल हुए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी, कही ये बड़ी बात, देखें Video -
क्यों मनाते हैं International Olympic Day? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की खास थीम -
कौन हैं WhatsApp के नए CEO कुणाल शाह? न इंजीनियरिंग, न MBA डिग्री, फिर भी करोड़ों में है नेट वर्थ -
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
गुंटूर में हुआ देश का पहला चमत्कार, 74 की उम्र में महिला ने दिया जुड़वा को जन्म
आंध्रप्रदेश में गुंटूर जिले से एक बहुत ही चौंकान्ने वाला मामला सामने आया हैं। यहां की निवासी 74 वर्षीय वाई मंगायम्मा ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। इसके लिए उन्होंने आईवीएफ (कृत्रिम गर्भाधान) का सहारा लिया था। वह लगातार चिकित्सकों की निगरानी में रही तथा उसने सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए दो जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया है। देश में किसी 74 वर्षीय महिला के जुड़वा बच्चों को जन्म देना अपनी तरह का पहला मामला है और ये एक तरह का रिकॉर्ड है।

74 साल की उम्र में दिया जुड़वा बच्चों को जन्म
मां बनने की खुशी मंगयाम्मा को शादी के 54 साल के बाद मिली, जिसके बाद वे काफी खुश हैं। 74 साल की मंगयाम्मा ने आज गुरुवार को जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है, ईस्ट गोदावरी जिले के नेलापार्टीपाडू से ताल्लुक रखने वाली मंगयाम्मा की शादी 22 मार्च, 1962 में येरामत्ती राजा राव से हुई थी।
शादी के कुछ सालों के बाद दोनों जोड़ी ने बच्चा करने का सोचा, लेकिन उनकी बच्चे की उमीद बस एक उमीद ही बन कर रह गयी।

यहां से मिली प्रेरणा
कुछ समय पहले मंगायम्मा की एक पड़ोसी ने 55 साल की उम्र में इसी प्रक्रिया से बच्चे को जन्म दिया। तब मंगायम्मा के मन में भी उम्मीद की किरण जगी और उन्होंने IVF की प्रक्रिया को अपनाने का फैसला किया। इस क्रम में उन्होंने पिछले साल नवंबर में गुंटूर में डॉक्टर अरुणा से संपर्क किया जो पहले चंद्रबाबू कैबिनेट में स्वास्थ्य मंत्री रह चुकी हैं। इस प्रक्रिया के जरिए मंगायम्मा जनवरी में गर्भवती हुईं। उनकी उम्र को देखते हुए उन्हें पूरे 9 माह अस्पताल में ही रखा गया।

66 साल की उम्र में बनी मां
इसके पहले यह रिकॉर्ड 2006 में एक स्पेन की महिला के नाम है, जो 66 वर्ष की उम्र में मां बनीं थीं। पूर्वी गोदावरी जिले के द्राक्षरमम में इ मंगायाम्मा ने जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया। इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) के जरिए गुंटूर में इस तरह का पहला मामला हैं।



Click it and Unblock the Notifications