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मानसून में खुजली और फंगल इंफेक्शन से बचना है? अपना लें डॉक्टर मनीषा के बताए 3 आसान आयुर्वेदिक उपाय
Monsoon Skin Hacks: मॉनसून का मौसम अपने साथ राहत तो लाता है, लेकिन कई लोगों के लिए त्वचा से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ा देता है। इस दौरान नमी और लगातार पसीना आने की वजह से खुजली, फंगल इंफेक्शन और रैशेज जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। कई बार दवा लेने के बाद भी ये दिक्कतें कुछ दिनों में फिर लौट आती हैं। ऐसे में सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि सही स्किन केयर रूटीन अपनाना भी जरूरी है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. मनीषा मिश्रा ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बारिश के मौसम में त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए 3 आसान उपाय बताए हैं। अगर इन्हें रोज की आदत बना लिया जाए, तो मॉनसून में होने वाली कई सामान्य स्किन समस्याओं से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। तो आइए, जानते हैं मानसून में फंगल इंफेक्शन से बचाव के आयुर्वेदिक उपाय -

कत्था से मिल सकती है फंगल इंफेक्शन में राहत
बारिश के मौसम में त्वचा पर बार-बार फंगल इंफेक्शन होना एक आम समस्या है। आयुर्वेद में कत्था (खदिर) को त्वचा के लिए काफी उपयोगी माना गया है। इसके लिए एक बाल्टी पानी में लगभग एक चम्मच कत्था पाउडर अच्छी तरह मिला लें। नहाने के बाद आखिर में इस पानी को पूरे शरीर पर डालें और फिर दोबारा साफ पानी से न नहाएं। माना जाता है कि यह उपाय त्वचा को सूखा रखने में मदद करता है और बार-बार होने वाले फंगल इंफेक्शन के खतरे को कम कर सकता है।
तुलसी और नीम का पाउडर करें इस्तेमाल
शरीर के जिन हिस्सों में ज्यादा पसीना आता है, वहां नमी बनी रहने से खुजली, रैशेज और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में, सबसे पहले उन जगहों को अच्छी तरह साफ करके सुखा लें। इसके बाद वहां हल्का-सा तुलसी और नीम का पाउडर लगा सकते हैं। आयुर्वेद में इन दोनों को त्वचा के लिए लाभकारी माना गया है। यह त्वचा को सूखा रखने के साथ बैक्टीरिया और फंगस से होने वाली परेशानियों का खतरा कम करने में भी मदद कर सकते हैं।
नारियल तेल में कपूर मिलाकर लगाएं
अगर बारिश के दिनों में बार-बार खुजली या लाल चकत्तों की परेशानी होती है, तो नारियल तेल में थोड़ा-सा भीमसेनी कपूर मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। कपूर को अच्छी तरह पीसकर नारियल तेल में मिलाएं और प्रभावित जगह पर हल्के हाथों से लगाएं। यह मिश्रण त्वचा को ठंडक पहुंचाने, खुजली कम करने और रैशेज से राहत दिलाने में सहायक माना जाता है। हालांकि अगर समस्या लगातार बनी रहे या ज्यादा बढ़ जाए, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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