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कौन है हेखानी जखालू? इस राज्य की पहली महिला विधायक बनकर रचा इतिहास
अंतराष्ट्रीय महिला दिवस से पूर्व ही देश की महिलाओं खासतौर से उत्तरपूर्वी राज्य नागालैंड के नागरिकों को जश्न मनाने का मौका मिल गया। 2023 में हुए नागालैंड विधानसभा चुनाव को आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी। गौरतलब है कि नागालैंड विधानसभा के लिए निर्वाचित होने वाली हेखानी जखालू ने पहली महिला विधायक बनकर इतिहास रच दिया।

नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपीपी) की उम्मीदवार जखालू ने अपने प्रतिद्वंदी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) (लोजपा-रामविलास) के अजेतो जिमोमी को 1,536 मतों के अंतर से हराकर दीमापुर-III सीट पर जीत हासिल की।
इस साल कुल चार महिलाओं ने नगालैंड विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया, जिनमें हेखानी जखालू, सलहूतु क्रुसे, हुकली सेमा और रोजी थॉम्पसन शामिल रहीं।
जानते हैं नगालैंड विधानसभा के लिए निर्वाचित होने वाली पहली महिला हेखानी जखालू के बारे में।

हेखानी जखालू केन्स का जन्म 1976 में नागालैंड के सबसे बड़े शहर दीमापुर में हुआ। उनके पिता लेफ्टिनेंट कर्नल एस आई जाखलू हैं।
वह एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं और इस वजह से उन्होंने वित्तीय संघर्ष को करीब से देखा है।
48 वर्षीय हेखानी जखालू 'यूथ नेट नागालैंड' (2006) की संस्थापक और अध्यक्ष हैं, जो तकरीबन एक लाख से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित करता है।
वह एक कानून कार्यकर्ता और एक सामाजिक उद्यमी हैं। वह विशेषकर युवाओं को व्यावसायिक संभावनाएं तलाशने में मदद करती हैं।

उन्होंने साल 2013 में सैन फ्रांसिस्को युनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ से कानून में परास्नातक किया।
उनके पास वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क में एमनेस्टी इंटरनेशनल का अनुभव और प्रशिक्षण भी है।
उन्हें 2018 में भारत सरकार के महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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