Latest Updates
-
Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जानें जरूरी नियम और पारण का समय -
Jitiya Vrat Katha: जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत में जरूर करें इस कथा का पाठ, पूरे साल सुरक्षित रहेगी संतान -
Jitiya Vrat 2025 Wishes: संतान की लंबी उम्र...जितिया व्रत के अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय
क्या है यहूदी हनुक्का त्योहार?, जानिए कैसे हुई इसकी शुरूआत कैसे मनाया जाता है ये फेस्टिवल
यहूदी लोगों का फेस्टिवल हनुक्का और ईसाइयों का त्योहार क्रिसमस साल के लगभग एक ही समय में आते हैं, लोगों को लगता है कि हनुक्का वास्तव में क्रिसमस का यहूदी एडिशन है, लेकिन ऐसा नहीं है। धार्मिक रूप से ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। क्रिसमस का त्योहार यीशु के जन्म का प्रतीक है, वहीं हनुक्का, जो यीशु के जन्म से सदियों पहले से मनाया जाता आ रहा है, पूरी तरह से अलग है।
हनुक्का वास्तव में क्या है? इसके इतिहास से लेकर हनुक्का परंपराओं तक मेनोराह पर मोमबत्तियों के नंबर तक। हनुक्का के रंगों का क्या मतलब। इस सब के बारें में जानने के लिए आपको ये आर्टिकल पढ़ना होगा।

हनुक्का क्या है?
हनुक्का 164 ईसा पूर्व में जीत की याद दिलाता है। सीरियाई यूनानियों के ऊपर यहूदी लोगों (मकाबीज़) के एक समूह, जिसने 167 ईसा पूर्व से इज़राइल की भूमि पर कब्जा किया था, यूनानियों ने न केवल यरूशलेम में यहूदी इबादतगाहों को नष्ट कर दिया था, बल्कि उन्होंने यहूदी धर्म की प्रेक्टिस पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। तीन साल की लड़ाई के बाद, मक्काबी लोगों ने अपनी इबादगाह को आज़ाद कराया। इसके बाद यहूदी लोगों को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार मिला।
विद्वानों का मानना है कि पहला हनुक्का उत्सव, सुक्कोट का एक मुल्तवी फेस्टिवल था, जो आमतौर पर विंटर सीज़न में होता है। जब मकाबी सीरियाई यूनानियों पर हावी थे, तो वे उन महत्वपूर्ण छुट्टियों का जश्न मनाना चाहते थे जो वे मकाबीन विद्रोह के दौरान चूक गए थे। इस फैक्ट के बाद सर्दियों की शुरुआत थी, तब उन्होंने इबादगाह को फिर से समर्पित करते हुए सुखकोट मनाया।
इबादगाह के पुनर्समर्पण के समय, तेल की आपूर्ति ज्यादी नहीं थी, लेकिन चमत्कारिक रूप से, तेल तब तक जलता रहा जब तक यहूदी लोग कुल आठ दिनों तक सुखकोट का उत्सव मना रहे थे। इसलिए हनुक्का को हमेशा आठ रातों के लिए मनाया जाता है।

हनुक्का कब शुरू होता है?
साल 2022 में, हनुक्का 18 दिसंबर को सूर्यास्त के बाद से शुरू होता है और 26 दिसंबर को सूर्यास्त पर खत्म होता है। हिब्रू कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि ये चंद्रमा का अनुसरण करता है, जबकि बाकी दुनिया में अधिकांश सौर-आधारित कैलेंडर का यूज करते हैं, जो सूरज को फॉलो करते हैं। क्योंकि चंद्र और सौर कैलेंडर सटीक रूप से लाइपअप नहीं होते हैं, हनुक्का नवंबर के अंत से दिसंबर के अंत तक कभी भी आ सकता है।

हनुक्का कैसे मनाया जाता है?
हनुक्का को ड्रिडेल बजाकर, फेस्टिवल के गीत गाकर, दोस्तों और परिवारवालो को गिफ्ट देकर इसके साथ ही स्वादिष्ट हनुक्का व्यंजनों को बनाकर मनाया जाता है। जो जेरूसलम में मंदिर में आठ दिनों तक जलने वाले तेल की याद दिलाता है (जेली डोनट्स जिसे सुफगानियोट कहा जाता है) इसमें मोमबत्तियां जलाते हैं।

हनुक्का का हिब्रू अनुवाद
हनुक्का शब्द का मतलब हिब्रू में "समर्पण" है। जो मैकाबीज की जीत के बाद मंदिर के प्रति समर्पण को दिखाता है।



Click it and Unblock the Notifications
