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15 अगस्त को ही क्यों अंग्रेंजो ने भारत को किया आजाद, जाने इससे जुड़े दिलचस्प फैक्ट
इस साल हम 15 अगस्त को अपना 73वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। ये तारीख हर भारतीय के दिल के करीब है। इस देश का हर शख्स इस तारीख को सम्मान और गौरव के नजरिए से देखता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत को आजाद करने के लिए अंग्रेजों ने क्यों 15 अगस्त का ही दिन चुना जबकि इंडिया इंडिपेंडेंस बिल के मुताबिक भारत को आजाद करने की तारीख 3 जून 1948 की तय की गई थी। आइए जानते है तो आखिर क्यों एक साल पहले ही भारत को तय की गई तारीख से पहले आजाद कर दिया था। इस बारे में इतिहासकार अलग-अलग मत बताते हैं।

सी राजगोपालाचारी ने दिया था सुझाव
कुछ इतिहासकारों का मानना है कि सी राजगोपालाचारी के सुझाव पर माउंटबेटन ने भारत की आजादी के लिए 15 अगस्त की तारीख चुनी सी राजगोपालाचारी ने लॉर्ड माउंटबेटन को कहा था कि अगर 3 जून 1948 तक इंतजार किया गया तो हस्तांतरित करने के लिए कोई सत्ता नहीं बचेगी। ऐसे में माउंटबेटन ने 15 अगस्त को भारत की स्वतंत्रता के लिए चुना।

माउंटबेटन के वजह से बदली तारीख!
साल 1930 से ही कांग्रेस ने स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए 26 जनवरी का दिन चुना था। हालांकि इंडिया इंडिपेंडेंस बिल के मुताबिक ब्रिटिश प्रशासन ने सत्ता हस्तांतरण के लिए 3 जून 1948 की तारीख तय की गई थी। फरवरी 1947 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लेमेंट रिचर्ड एटली ने घोषणा की थी कि सरकार 3 जून 1948 से भारत को पूर्ण आत्म प्रशासन का अधिकार प्रदान कर देगी। हालांकि माउंटबेटन के परिदृश्य में आने के बाद सब कुछ बदल गया। फरवरी 1947 में ही लुई माउंटबेटन को भारत का आखिरी वायसराय नियुक्त किया गया था। माउंटबेटन पहले पड़ोसी देश बर्मा के गवर्नर हुआ करते थे। उन्हें ही व्यवस्थित तरीके से भारत को सत्ता हस्तांतरित करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी।

अंग्रेजों के लिए शुभ थी 15 अगस्त की तारीख
कुछ इतिहासकारों का मानना है कि वायसराय माउंटबेटन ब्रिटेन के लिए 15 अगस्त की तारीख को शुभ मानता था। क्योंकि इसी दिन ब्रिटेन और मित्र राष्ट्रों ने जापान को आत्म समर्पण करवाकर द्वितीय विश्वयुद्ध जीता था तब माउंटबेटन अलाइड फोर्सेज का कमांडर हुआ करता था। इसलिए माउंटबेटन ने ब्रिटिश प्रशासन से बात करके भारत को सत्ता हस्तांतरित करने की तिथि 3 जून 1948 से 15 अगस्त 1947 कर दी।

एक ये भी कारण है
ब्रिटिश हुकूमत ने भारत को 3 जून 1948 के बजाय 15 अगस्त 1947 को ही सत्ता हस्तांतरित करने को लेकर एक और कारण यह भी बताया जाता है कि ब्रिटिशों को इस बात की भनक लग गयी थी कि मोहम्मद अली जिन्ना जिनको कैंसर था और वो ज्यादा दिन जिंदा नहीं रहेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए अंग्रेजों को चिंता थी कि अगर जिन्ना नहीं रहे तो महात्मा गांधी अलग देश न बनाने के प्रस्ताव पर मुसलमानों को मना लेंगे। अंततः 15 अगस्त 1947 को ब्रिटेन ने भारत को सत्ता हस्तांतरित कर दिया और जैसा कि अंग्रेजों को अंदेशा था यह सब हो जाने के कुछ ही महीने बाद जिन्ना की मृत्यु हो गई।

ये तीन राष्ट्र भी मनाते है 15 अगस्त को आजादी का जश्न
आप जानकर हैरानी होगी कि न सिर्फ भारत बल्कि तीन और देश है जो 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं। एक देश है दक्षिण कोरिया जिसे 15 अगस्त 1945 में जापान से आजादी मिली थी। वहीं दूसरी कांगो को 15 अगस्त 1960 में फ्रांस से आजादी मिली थी। जबकि बहरीन को 15 अगसत 1971 में ब्रिटेन से आजादी मिली थी।



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