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कौन हैं अमित मेहता? गुजरात में जन्मे अमेरिकी जज, जिन्होंने गूगल की मोनोपॉली पर लिया सख्त एक्शन
Who is Gujarat-born US Judge Amit Mehta : कोर्ट में लंबे समय से चल रहे गूगल एंटीट्रस्ट मामले पर लैंडमार्क फैसला आया जिसमें अमेरिकी कोर्ट ने इस दिग्गज फर्म को सर्च इंजन पर एकाधिकार को गलत ठहराया है। अमेरिका में भारतीय मूल के जिला जज अमित मेहता ने यह महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि गूगल का यह एकाधिकार इनोवेशन और प्रतिस्पर्धा को दबा रहा है।
इस फैसले के सामने आने के बाद अब न्यायिक इतिहास के सबसे प्रभावशाली एंटीट्रस्ट मामलों में से एक माना जा रहा है। इस फैसले के सामने आने के बाद अब हर कोई जानना चाहता हैं कि इतना महत्वपूर्ण फैसला देने वाली भारतीय मूल के अमेरिकन जज कौन हैं? आइए जानिए इनके बारे में-

अमेरिकन जज अमित मेहता?
- अमित मेहता का जन्म साल 1971 में गुजरात के पाटन में हुआ था और एक साल की उम्र में उनके माता-पिता उन्हें अमेरिका ले गए थे।
- गुजरात के पाटन में जन्मे अमित मेहता ने 1993 में जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस और अर्थशास्त्र में बीए की डिग्री हासिल की है।
- साल 1997 में यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया के स्कूल ऑफ लॉ से जेडी किया है।
- लॉ स्कूल के बाद जज मेहता ने नौवें सर्किट के लिए यूनाइटेड स्टेट्स कोर्ट ऑफ अपील्स के माननीय सुसान पी. ग्रैबर के लिए क्लर्क करने से पहले लॉ फर्म लैथम एंड वॉटकिंस एलएलपी के सैन फ्रांसिस्को कार्यालय में काम किया था।
- अपनी क्लर्कशिप के बाद जज मेहता ने 1999 से 2002 तक वाशिंगटन, डीसी स्थित लॉ फर्म ज़करमैन स्पैडर एलएलपी में काम किया।
- साल 2002 में जज मेहता एक स्टाफ वकील के रूप में डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया पब्लिक डिफेंडर सर्विस में शामिल हुए. जज मेहता 2007 में जकरमैन स्पाएडर लौट आए, जहां उनका अभ्यास सफेदपोश क्रिमिनल डिफेंस, मुश्किल कारोबारी विवादों और अपीलीय वकालत पर केंद्रित था।
- 2021 में अमित पी मेहता यूनाइटेड स्टेट्स फॉरेन इंटेलिजेंस सर्विलांस कोर्ट के जज बन गए थे. अमित मेहता ने 6 जनवरी 2021 को यूनाइटेड स्टेट्स कैपिटल हमले और गूगल एंटीट्रस्ट केस से जुड़े मुकदमों में खास तौर पर अध्यक्षता की है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ भी सुना चुके हैं फैसला?
6 जनवरी के कैपिटल दंगों से संबंधित मामलों पर फैसला भी अमित मेहता ने सुनाया था। इसमें उन्होंने दंगा भड़काने के लिए जवाबदेह ठहराते हुए नागरिक मुकदमों को खारिज करने के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कोशिशों को मना कर दिया था। साल 2022 में उन्होंने डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा हमलों में पूर्व राष्ट्रपति पर कानूनी जिम्मेदारी का आरोप लगाने वाले मुकदमों को खारिज करने के प्रयासों को इंकार करते हुए फैसले में लिखा, "राष्ट्रपति को नागरिक क्षति से छूट से वंचित करना कोई छोटा कदम नहीं है। कोर्ट अपने फैसले की गंभीरता को अच्छी तरह समझता है।"



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