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क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम?
Monsoon Damage Compensation Rules: इन दिनों देश के कोने-कोने में भारी बारिश का सितम जारी है। हालांकि मौसम तो अच्छ हो गया है लेकिन आसमानी आफत के सामने फसल, मकान और गाड़ी तक कई कीमती चीजें बर्बाद हो गई हैं। आपने कई सारे वायरल वीडियो में देखा होगा कि मकान ढह गए हैं, गाड़ियां पानी में तैरती नजर आ रही हैं। सबसे ज्यादा मुश्किलें तो देश के किसान की बढ़ गई है जिनकी लहलहाती फसलें बारिश और ओलावृष्टि की वजह से बर्बाद हो गई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या सरकार या इंश्योरेंस पॉलिसी होने पर घर और वाहन को हुए नुकसान की भरपाई का दावा किया जा सकता है। अगर हां, तो किन लोगों को मुआवजा मिलता है और इसके लिए आवेदन कैसे किया जाता है? आइए विस्तार से जानते हैं।

क्या सरकार और इंश्योरेंस पॉलिसी देती है बारिश में बर्बाद हुए मकान का मुआवजा?
महाराष्ट्र और हिमाचल की तरह कई अन्य राज्यों में भारी बारिश ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। कई जगह तो हालात इतने खराब हो गए हैं कि मकान ढह गए हैं, वाहन नाव की तरह तैरते नजर आ रहे हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि अगर किसी क्षेत्र में भारी बारिश, बाढ़, भूस्खलन या अन्य प्राकृतिक आपदा के कारण मकान का नुकसान होता है और राज्य सरकार या इंश्योरेंस कंपनी क्लेम देते हैं। बता दें कि ऐसे नुकसान के लिए सरकार भी जरूरी मुआवजा देती है और अगर इंश्योरेंस पॉलिसी ली है तो उचित जांच के बाद कंपनी भी मुआवजा देती है। लेकिन इस बात का ध्यान रहे कि आपने जो इंश्योरेंस लिया है उसमें ये प्राकृतिक आपदा में होने वाला नुकसान कवर होता है या नहीं।
बारिश में कार या बाइक खराब हो जाए तो क्या मिलेगा मुआवजा?
सरकार आमतौर पर निजी वाहनों के नुकसान की भरपाई नहीं करती। यदि आपकी कार या बाइक का कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्योरेंस है और उसमें बाढ़ या प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का कवर शामिल है, तो आप अपनी बीमा कंपनी में क्लेम कर सकते हैं। इंश्योरेंस कंपनी वाहन की जांच के बाद पॉलिसी की शर्तों के अनुसार भुगतान करती है।
फसल खराब होने पर क्या मिलता है मुआवजा और कैसे?
यदि अत्यधिक बारिश या बाढ़ से किसानों की फसल नष्ट हो जाती है, किसानों को सरकार के द्वारा नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजा दिया जाता है। बता दें कि ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए बड़ी राहत मानी जाती है। कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन नुकसान का सर्वे कराते हैं। पात्र किसानों को राज्य सरकार की राहत योजना या फसल बीमा योजना यदि बीमा कराया गया हो तो उसके तहत आर्थिक सहायता मिलती है। कई राज्यों में किसान ऑनलाइन पोर्टल, कृषि विभाग या तहसील कार्यालय के माध्यम से भी नुकसान की सूचना दर्ज करा सकते हैं।
मकान और वाहन के लिए कैसे करें क्लेम?
जिन लोगों के मकान और वाहन मानसून या अन्य प्राकृतिक आपदा में क्षतिग्रस्त हो गए हैं वो कैसे करें मुआवजे के लिए क्लेम? जान लें कि नुकसान होने पर क्षतिग्रस्त सामान की फोटो और वीडियो बनाएं और उसे सुरक्षित रखें। संबंधित विभाग या हेल्पलाइन पर जल्द से जल्द सूचना दें और यदि वाहन का नुकसान हुआ है तो इंश्योरेंस कंपनी को तय समय सीमा के भीतर क्लेम की जानकारी दें। देरी करने पर क्लेम प्रभावित हो सकता है।
मुआवजा पाने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है?
मुआवजा या राहत राशि के लिए आमतौर पर आधार कार्ड, पहचान पत्र, बैंक खाते की जानकारी, भूमि संबंधी दस्तावेज यदि फसल का मामला है तो, नुकसान की फोटो या वीडियो, आवेदन पत्र और स्थानीय प्रशासन द्वारा मांगे गए अन्य दस्तावेज जमा करने पड़ सकते हैं। अलग-अलग राज्यों में नियम और दस्तावेजों की सूची अलग हो सकती है। इस बात का ध्यान रखें कि यदि दस्तावेज पूरे न हों तो इस स्थिति में मुआवज मिल भी सकता है और नहीं भी या फिर इसके लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। ये भी जान लें कि वाहन बीमा में केवल थर्ड-पार्टी पॉलिसी होने पर बाढ़ से हुए नुकसान का भुगतान नहीं मिलता।



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