Latest Updates
-
Bank Holidays 2026: रक्षाबंधन पर बैंक रहेंगे बंद, क्या 25-26 को भी छुट्टी? यहां देखें छुट्टियों की लिस्ट -
IND vs SL: ध्रुव जुरेल का तूफानी शतक, कोलंबो टेस्ट में भारत ने श्रीलंका पर कसा शिकंजा -
Miss Universe India 2026: कौन हैं केजिया लिज मेजो? 19 की उम्र में जीता मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 का खिताब -
Eid-E-Milad-Un-Nabi 2026: ईद मिलाद-उन-नबी कब है? जानें तारीख, महत्व और कैसे मनाया जाता है ये दिन -
रक्षाबंधन 2026 पर पंचक और चंद्र ग्रहण का साया! राखी बांधना शुभ या अशुभ? जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त -
इन 5 लोगों के लिए जहर है साबूदाना, व्रत में भूलकर भी न करें सेवन -
Sawan 2026 Last Somwar: सावन के आखिरी सोमवार पर करें ये खास उपाय, बरसेगी भोलेनाथ की कृपा -
दिल्ली-NCR में मूसलाधार बारिश का अलर्ट: 19 राज्यों में IMD की चेतावनी, घर से निकलने से पहले पढ़ें ये जरूरी गाइड -
Putrada Ekadashi Vrat Katha: पुत्रदा एकादशी पर जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, पूरी होगी संतान से जुड़ी हर कामना -
Putrada Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की भक्ति...इन संदेशों से अपनों को दें पुत्रदा एकादशी की शुभकामनाएं
बाबा नीम करौली के भव्य मेले में जाने का है प्लान, नोट करें रूट मैप से लेकर ठहरने तक की पूरी जानकारी
How To Go Kainchi Dham Mela 2026 Neem Karoli Baba Ashram: हर साल की तरह इस वर्ष भी 15 जून को कैंची धाम का भव्य स्थापना दिवस मेला आयोजित होने जा रहा है। यदि आप भी बाबा नीम करौली के अनन्य भक्त हैं तो जानें का प्लान बना लें। क्योंकि बाबा के दर्शन और इस पावन मेले में शामिल होने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के उत्तराखंड पहुंचने की उम्मीद है। मेले के दौरान नैनीताल-अल्मोड़ा हाईवे पर भारी भीड़ और सख्त ट्रैफिक नियम लागू रहते हैं, इसलिए बिना सही प्लानिंग के निकलना आपकी यात्रा को मुश्किल बना सकता है। आपकी यात्रा को सुगम और परेशानी मुक्त बनाने के लिए, हम यहां रूट मैप, शटल बस सेवा, ठहरने के विकल्प और जरूरी नियमों की पूरी ए-टू-जेड गाइड लेकर आए हैं। दर्शन के लिए निकलने से पहले इस जानकारी को अच्छी तरह नोट कर लें।

कैंची धाम मेला 2026: कैसे पहुंचें बाबा के आश्रम?
कैंची धाम स्थापना दिवस के मौके पर वहां बहुत अधिक जाम होता है। ऐसे में प्रशासन द्वारा विभिन्न रूटों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाता है। अगर आप कैंची धाम जाने का प्लान बना रहे हैं तो पहले ही जान लें कि बिना किसी परेशानी के आप कैसे पहुंचे नीम करौली बाबा के दर्शन के लिए। पूरी जानकारी डिटेल में आपको नीचे बताई गई है। इन माध्यमों से अपनी यात्रा प्लान कर सकते हैं...
ट्रेन द्वारा (निकटतम रेलवे स्टेशन)
कैंची धाम का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम (Kathgodam) है, जो आश्रम से लगभग 37 किलोमीटर दूर है। दिल्ली, लखनऊ, हावड़ा आदि शहरों से यहां के लिए सीधी ट्रेनें हैं। स्टेशन से बाहर आते ही आपको भवाली के लिए टैक्सियां और बसें मिल जाएंगी।
सड़क मार्ग द्वारा (बस और कार रूट)
यदि आप दिल्ली-एनसीआर से आ रहे हैं, तो हापुड़, मुरादाबाद, रामपुर और हल्द्वानी होते हुए काठगोदाम पहुंच सकते हैं। मेले के दिन भारी वाहनों और निजी कारों को भवाली या हल्द्वानी में तय पार्किंग स्थलों पर ही रोकना होगा, जहां से आगे जाने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष शटल बसें चलाई जाती हैं।
हवाई मार्ग द्वारा (निकटतम एयरपोर्ट)
सबसे पास पंतनगर (Pantnagar) एयरपोर्ट है, जो कैंची धाम से करीब 70 किलोमीटर दूर है। यहां से आप टैक्सी बुक करके हल्द्वानी या भवाली होते हुए कैंची धाम पहुंच सकते हैं।
क्या पर्सनल वाहन से जा सकते हैं कैंची धाम?
मेले के दौरान निजी वाहनों को सीधे कैंची धाम ले जाने की अनुमति नहीं होती है। हां आप अपने वाहन से जा रहे हैं तो कैंची धाम आश्रम में जाने के बजाए उससे पहले ही कहीं रुकें और वहां अपनी गाड़ी पार्किंग में लगाकर आगे का सफर तय करें। बता दें कि कैंची धाम आश्रम पहुंचने के लिए आपको बहुत सारे यातायात के लोकल साधन मिल जाएंगे।
कैंची धाम मेले के दौरान कहां रुकें?
क्योंकि 15 जून को कैंची धाम के ठीक पास बने होटलों और होमस्टे में रूम मिलना लगभग नामुमकिन होता है और कीमतें भी काफी बढ़ जाती हैं, इसलिए आपको इन नजदीकी इलाकों में ठहरने का प्लान बनाना चाहिए-
भवाली (Bhowali): यह कैंची धाम से मात्र 9 किलोमीटर दूर है। मेले के लिहाज से ठहरने के लिए यह सबसे उत्तम और केंद्रीय स्थान है।
भीमताल और नैनीताल (Bhimtal & Nainital): कैंची धाम से इनकी दूरी लगभग 18 से 20 किलोमीटर है। यहां आपको हर बजट के होटल्स, रिसॉर्ट्स और धर्मशालाएं आसानी से मिल जाएंगी।
अल्मोड़ा और खैरना (Almora & Khairna): यदि आप कुमाऊं की तरफ से आ रहे हैं, तो खैरना या अल्मोड़ा के होटलों में रुकना एक अच्छा और शांत विकल्प हो सकता है।

सफर को शानदार बनाने के लिए टिप्स
अगर आप अपने सफर को शानदार बनाना चाहते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि मेले में शामिल होने के लिए 15 जून की सुबह निकलने के बजाय, 14 जून की शाम या रात तक ही अपने होटल पहुंच जाएं और रूम की बुकिंग एडवांस में ही कर लें।
कैंची धाम मेले में दर्शन के दौरान किन बातों का रखें विशेष ध्यान?
सुबह जल्दी प्रस्थान करें: मेले के दिन सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लग जाती हैं। धूप और भारी भीड़ से बचने के लिए जितना जल्दी हो सके, शटल बस पकड़कर आश्रम की लाइन में लग जाएं।
मालपुए का दिव्य प्रसाद: इस मेले का मुख्य आकर्षण नीम करौली बाबा का प्रिय 'मालपुआ प्रसाद' है। कतार में धैर्य बनाए रखें और अनुशासन का पालन करते हुए ही प्रसाद ग्रहण करें।
हल्का सामान और आरामदायक जूते: आपको पार्किंग स्थल से आश्रम तक काफी पैदल चलना पड़ सकता है, इसलिए आरामदायक जूते पहनें। अपने साथ केवल जरूरी सामान जैसे पानी की बोतल, आवश्यक दवाएं और छाता ही रखें।
स्थानीय प्रशासन के नियमों का पालन: सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तराखंड पुलिस के निर्देशों का सख्ती से पालन करें, ताकि आपको और साथी श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
बच्चे हैं साथ तो रखें इन बातों का ध्यान: अगर आप बच्चों के साथ जा रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि मेले के दौरान वहां पर मौजूद दुकानों में सामान बहुत अधिक महंगा बेचा जाता है। ऐसे में बच्चों के साथ जा रहे हैं तो पहले से ही कुछ जरूरी सामान साथ लेकर जाएं जैसे कि खाने-पीने की सामग्री, दूध और पानी आदि।



Click it and Unblock the Notifications